राघव चड्ढा के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री मान ने की राष्ट्रपति से मुलाकात
नई दिल्ली, 05 मई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री मान ने पत्रकारों से कहा कि आज दिल्ली में राष्ट्रपति के समक्ष हमने देश में हो रही 'लोकतंत्र की हत्या' के विरुद्ध अपनी आवाज़ ज़ोर-शोर से उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि असंवैधानिक तरीकों से पार्टियों को तोड़ना और ईडी-सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर नेताओं को क्लीन चिट देना लोकतांत्रिक ढांचे पर सीधा हमला है।
उन्होंने कहा कि पंजाब में ‘ऑपरेशन लोटस’ जैसी सस्ती राजनीतिक चालें कभी सफल नहीं होंगी। मान ने कहा कि उनकी पार्टी के विधायक लाखों पंजाबियों की आवाज हैं और पंजाब की जनता कभी विश्वासघात बर्दाश्त नहीं करती। उन्होंने खुद को ‘जनता का सेवक’ बताते हुए आश्वासन दिया कि वे जनता के जनादेश और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक लड़ते रहेंगे।
वहीं, राघव चड्ढा के साथ राष्ट्रपति से मिलने वालों में राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक, अशोक मित्तल, राजेंद्र गुप्ता भी शामिल रहे।
राघव चड्ढा ने राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान पंजाब की आआपा सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने को लेकर अपनी चिंताओं से अवगत कराया। उनका आरोप है कि सरकार पुलिस और प्रशासनिक संसाधनों का कथित तौर पर इस्तेमाल करके उन सांसदों को निशाना बना रही है, जिन्होंने हाल ही में आआपा छोड़कर भाजपा का दामन थामा है। संभावना है कि वे कानूनी कार्रवाई के कुछ खास मामलों पर ज़ोर देंगे, जिनमें दलबदल करने वाले कुछ नेताओं के खिलाफ पुलिस केस भी शामिल है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में आआपा के सात राज्यसभा सदस्यों- राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, विक्रम साहनी, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता ने भाजपा का दामन थाम लिया। इससे आआपा को बड़ा झटका लगा, क्योंकि राज्यसभा में उसकी संख्या 10 से घटकर सिर्फ़ 3 रह गई है।---------
हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार