पश्चिम बंगाल विधानसभा में नया सख्त कानून पारित, 12 महीने तक बिना मुकदमा निवारक हिरासत का प्रावधान
कोलकाता, 29 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा ने सोमवार को एक अहम और सख्त कानून पारित किया, जिसके तहत राज्य में ‘असामाजिक गतिविधियों’ में शामिल लोगों को बिना मुकदमा चलाए अधिकतम 12 महीने तक निवारक हिरासत में रखने का प्रावधान किया गया है। यह विधेयक ‘पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026’ के नाम से पारित हुआ।
विधानसभा में इस विधेयक के पक्ष में 176 विधायकों ने मतदान किया, जबकि 42 विधायकों ने इसका विरोध किया और 20 विधायकों ने मतदान से दूरी बनाई।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सदन में इस कानून का बचाव करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य राज्य में दंगे, हिंसा और अन्य असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना है। उन्होंने कहा कि मौजूदा कानूनों में ऐसी कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है, जिससे हिंसा या दंगों के दौरान हुए संपत्ति नुकसान की भरपाई सीधे दोषियों से की जा सके, इसलिए यह नया कानून आवश्यक है।
इस विधेयक के तहत प्रशासन को ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का अधिकार मिलेगा, जिन्हें ‘असामाजिक तत्व’ या ‘गुंडा’ माना जाता है और जिनकी गतिविधियां सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में आश्वासन दिया कि यह कानून किसी भी राजनीतिक उद्देश्य से दुरुपयोग के लिए नहीं लाया गया है और इसका लक्ष्य केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का इरादा हिंसा और उपद्रव फैलाने वालों पर सख्ती से कार्रवाई करना है।
सरकार की ओर से कहा गया कि इस कानून के माध्यम से न केवल संभावित हिंसक घटनाओं को रोका जा सकेगा, बल्कि दंगों या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से वसूली की प्रक्रिया को भी मजबूत किया जाएगा।
विधानसभा में हुई बहस के बाद यह विधेयक बहुमत से पारित हो गया, जिसके साथ राज्य में कानून-व्यवस्था से जुड़े एक नए सख्त ढांचे की शुरुआत मानी जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर