स्वतंत्रता दिवस भारत के सपनों को साकार करने और राष्ट्र को सर्वश्रेष्ठ बनाने का संकल्प लेने का अवसर : राष्ट्रपति

 


नई दिल्ली, 14 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वतंत्रता की सार्थकता इसी में है कि भारत के लोग अपने सपनों को साकार करने के अवसरों का उपयोग करें और देश को सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाने की भावना से कार्य करें।

राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ ही घंटों बाद देश की स्वाधीनता के 80वें वर्ष का शुभारंभ होगा। देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतीय इस राष्ट्रीय पर्व को उल्लास के साथ मनाते हैं। तिरंगा हमारी स्वतंत्रता का प्रतीक है और इसे हम पूरी शान के साथ फहराते हैं।

मुर्मु ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत माता पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त हुईं और सभी देशवासी स्वतंत्र भारत की नियति के निर्माता बने। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में समाज के प्रत्येक वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने निष्ठावान विद्यार्थियों और शिक्षकों, विकास के लिए काम कर रहे वैज्ञानिकों एवं इंजीनियरों, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों, मेहनतकश श्रमिकों तथा किसानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ी, शिल्पकार, कलाकार, बुद्धिजीवी, निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मठ कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, न्याय व्यवस्था से जुड़े लोग और सिविल सेवक भी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

राष्ट्रपति ने छोटे-बड़े सभी निवेशकों, निःस्वार्थ समाजसेवियों और स्वच्छता अभियान में योगदान देने वाले सफाई मित्रों सहित विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय असंख्य नागरिकों को भी राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण भागीदार बताया। उन्होंने संविधान में निहित मूल कर्तव्यों का पालन करने वाले सभी नागरिकों की हृदय से सराहना की।

मुर्मु ने तीनों सेनाओं के जवानों, सशस्त्र पुलिस बलों और पुलिसकर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा के लिए विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने विश्व पटल पर भारत का मान-सम्मान बढ़ाने वाले प्रवासी भारतीयों और विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों में कार्यरत देशवासियों की भी सराहना की।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार