निशिकांत दुबे ने झारखंड सरकार पर लगाया, परीक्षा में धांधली, भाई-भतीजावाद का आरोप

 


नई दिल्ली, 03 अगस्त (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने झारखंड में राज्य लोक सेवा आयोग सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधते हुए आज कहा कि बीते सात आठ वर्षों में झारखंड में भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार के कारण याेग्य युवा राेजगार से वंचित रहे हैं और आज वे आंदाेलन काे मजबूर हैं।

झारखंड की भर्ती परीक्षाओं के बारे में निशिकांत दुबे ने सोमवार को संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि झारखंड के छात्रों की मांग पूरी तरह जायज है। उनका आरोप है कि पिछले 7-8 वर्षों में झारखंड लोक सेवा आयोग में भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार का माहौल रहा है, जिसके कारण राज्य के युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा है और वे लगातार आंदोलन करने को मजबूर हैं।

निशिकांत दुबे ने कहा कि झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर छात्र लंबे समय से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग के सदस्यों की नियुक्ति कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के प्रभाव में हुई है, जिसके कारण भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं।

भाजपा सांसद ने कहा कि राज्य के युवा रोजगार की उम्मीद में वर्षों तक तैयारी करते हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार विवाद सामने आने से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि छात्रों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

दरअसल झारखंड में हाल के वर्षों में जेपीएससी और जेएसएससी की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर कई बार अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक के आरोप लगे हैं। विशेष रूप से जेपीएससी की संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और अन्य भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर अभ्यर्थियों ने पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए व्यापक प्रदर्शन किए थे। कई मामलों में जांच की मांग भी उठी, वहीं झारखण्ड में भी भाजपा और अन्य विपक्षी दलों ने भी भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर राज्य सरकार को घेरा। इन्हीं आरोपों और लंबित मांगों को लेकर छात्र एक बार फिर आंदोलन कर रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सौरव राय