मैं हमेशा राज्य के विकास से देश के विकास का मंत्र लेकर चलाः प्रधानमंत्री

 


नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि पिछले 25 वर्षों से सरकार के प्रमुख के तौर पर कार्य के दौरान लोकतंत्र की दो शक्तियों पर उनका विश्वास लगातार मजूबत हुआ है। यह शक्तियां हैं देश की जनता और सहकारी संघवाद। उन्होंने कहा, “मैं हमेशा राज्य के विकास से देश के विकास का मंत्र लेकर चला।”

प्रधानमंत्री मोदी आज तमिलनाडु के दौरे पर चेन्नई पहुंचे। उन्होंने पहले चेन्नई मेट्रो में पोरूर बाईपास स्टेशन से पूनामल्ली बाईपास स्टेशन तक की यात्रा की और फिर वापस लौटे। इसके बाद जलकंडेश्वर मंदिर में दर्शन और पूजा की। फिर आईआईटी मद्रास स्थित मस्तिष्क केंद्र का दौरा किया। प्रधानमंत्री ने 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी, उनका उद्घाटन किया और राष्ट्र को समर्पित किया। इसके बाद उन्होंने जनसभा को संबोधित किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत से प्रेरणा लेकर विज्ञान की प्रगति और आधुनिक बुनियादी ढांचे के माध्यम से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आज तमिलनाडु में 13 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं से परिवहन, उद्योग और व्यापार को मजबूती मिलेगी तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहतर परिवहन के लिए केवल सड़कों को चौड़ा करना पर्याप्त नहीं है बल्कि आधुनिक शहरों में समग्र बुनियादी ढांचे की जरूरत है। इसी उद्देश्य से पिछले एक दशक में देशभर में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार किया गया है। वर्ष 2014 में देश के केवल पांच शहरों में मेट्रो सेवा उपलब्ध थी, जबकि अब 25 शहरों में मेट्रो चल रही है।

मोदी ने कहा कि तमिलनाडु के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। करीब 13 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं के तहत कई पूरी हो चुकी परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया है और नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई है। इनसे दैनिक आवागमन आसान होगा, उद्योग और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा तथा राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार होंगे।

उन्होंने कहा कि मंदिरों से लेकर मेट्रो तक तमिलनाडु के अनुभव भारत की भावना को दर्शाते हैं। भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत से प्रेरणा लेता है और विज्ञान की प्रगति के साथ आगे बढ़ता है। आधुनिक बुनियादी ढांचा नए अवसर पैदा कर रहा है। देश की विरासत और भविष्य की आकांक्षाएं साथ-साथ आगे बढ़ रही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में बंदरगाहों के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि समुद्री परिवहन क्षेत्र नई ऊंचाइयों तक पहुंच सके। केंद्र सरकार करीब 17 हजार करोड़ रुपये के निवेश से तूतीकोरिन स्थित वी.ओ. चिदंबरनार बंदरगाह को विश्वस्तरीय विशाल कंटेनर और हरित ऊर्जा केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। इसके पूरा होने पर बंदरगाह दुनिया के बेहद बड़े कंटेनर जहाजों को संभाल सकेगा। इससे तमिलनाडु को उद्योग और परिवहन के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने देशवासियों के आशीर्वाद और प्रेम से सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे किए हैं। अक्टूबर 2001 में मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद से उन्हें मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि इन 25 वर्षों में लोकतंत्र की दो शक्तियों, देश की जनता और सहकारी संघवाद में उनका विश्वास लगातार मजबूत हुआ है। वह हमेशा राज्य के विकास से देश के विकास के मंत्र के साथ आगे बढ़े हैं।

उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल विनिर्माता है। वर्ष 2014 के बाद से देश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 11 गुना बढ़ा है, जबकि रक्षा निर्यात में 50 गुना वृद्धि हुई है। इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात ने भी नया रिकॉर्ड बनाया है। विनिर्माण क्षेत्र की इस वृद्धि से देश में युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के लोगों ने देश में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा