उचित संरक्षण पाने पर सामान्य गुण भी परम श्रेष्ठता और प्रतिष्ठा प्राप्त करता हैः प्रधानमंत्री मोदी

 


नई दिल्ली, 03 अगस्त (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को साझा सुभाषितम् में उचित संरक्षण पाने पर सामान्य गुण भी परम श्रेष्ठता और प्रतिष्ठा प्राप्त करने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने संस्कृत के एक श्लोक को 'एक्स' पर साझा करते हुए लिखा, 'पात्रविशेषे न्यस्तं गुणान्तरं व्रजति शिल्पमाधातुः। जलमिव समुद्रशुक्तौ मुक्ताफलतां पयोदयस्य।।'

जिसका अर्थ है, व्यक्ति या वस्तु की सार्थकता और उसका उत्थान इस बात पर निर्भर करता है कि वह किस प्रकार के पात्र या परिवेश को प्राप्त करती है। जिस प्रकार साधारण जल भी सीप के संपर्क में आने से अमूल्य मोती बन जाता है, उसी प्रकार उचित और सुयोग्य आश्रय मिलने पर सामान्य गुण भी परम श्रेष्ठता और प्रतिष्ठा को प्राप्त कर लेते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी