मनुष्य को शुभ और कल्याणकारी विचारों का ही चिंतन करना चाहिएः प्रधानमंत्री मोदी

 


नई दिल्ली, 31 अगस्त (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को एक्स पर साझा सुभाषितम् में मनुष्य को शुभ और कल्याणकारी विचारों का ही चिंतन करने पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर संस्कृत का एक श्लोक लिखा, 'यद् यदेव प्रसक्तं हि वितर्कयति मानवः । अभ्यासात् तेन तेनास्य नतिर्भवति चेतसः ।।'

इसका अर्थ है कि मनुष्य जिस विषय या वस्तु के बारे में बार-बार सोचता है, उसका मन धीरे-धीरे उसी ओर आकर्षित होने लगता है। इसलिए हमें हमेशा अच्छे, शुभ और कल्याणकारी विचारों का ही चिन्तन करना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी