प्रधानमंत्री मंगलवार को पुणे मेट्रो की 21,800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे
नई दिल्ली, 02 नवंबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को पुणे मेट्रो की करीब 21,800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इनमें 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित मेट्रो की पिंक लाइन का उद्घाटन और करीब 13,500 करोड़ रुपये की लागत वाले दूसरे चरण की चार लाइनों का शिलान्यास शामिल है।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सोमवार को जारी बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी 3 नवंबर को दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर वह सभा को भी संबोधित करेंगे।
करीब 23 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन मान से जिला न्यायालय मेट्रो स्टेशन तक जाएगी। यह पुणे के प्रमुख आईटी केंद्र हिंजेवाड़ी को शिवाजीनगर से जोड़ेगी। इससे आईटी क्षेत्र में काम करने वाले हजारों पेशेवरों और अन्य यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इस लाइन का संचालन पूरी तरह महिला ट्रेन चालकों द्वारा किया जाएगा। परियोजना की एक अन्य विशेषता यह है कि इसकी कुल बिजली जरूरत का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा किया जाएगा।
मोदी पुणे मेट्रो के दूसरे चरण की आधारशिला भी रखेंगे। लगभग 13,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस चरण में लाइन 2ए, 2बी, 4 और 4ए का निर्माण किया जाएगा। इनसे शहर के प्रमुख आवासीय, व्यावसायिक और आईटी क्षेत्रों तक मेट्रो संपर्क का विस्तार होगा।
दूसरे चरण के तहत लाइन 2ए वनाज से चांदनी चौक और लाइन 2बी रामवाड़ी से विट्ठलवाड़ी को जोड़ेगी। इन दोनों लाइनों की कुल लंबाई लगभग 12.75 किलोमीटर होगी। वहीं, 25.52 किलोमीटर लंबी लाइन-4 खराड़ी से खड़कवासला और 6.12 किलोमीटर लंबी लाइन-4ए नल स्टॉप से मानिक बाग तक जाएगी।
इन नए गलियारों से खराड़ी, मगरपट्टा, हड़पसर, स्वारगेट, मानिक बाग, नांदेड़ सिटी, पुणे छावनी और वारजे जैसे क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। रामवाड़ी से विट्ठलवाड़ी तक मेट्रो का विस्तार खराड़ी और वाघोली के आवासीय, व्यावसायिक और आईटी क्षेत्रों के लिए भी उपयोगी होगा।
बयान के अनुसार नए मेट्रो गलियारों को मौजूदा पुणे मेट्रो नेटवर्क और अंतरशहरी बस सेवाओं से जोड़ा जाएगा। स्वारगेट, नल स्टॉप और खराड़ी बाईपास पर इंटरचेंज सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा। इन परियोजनाओं से पुणे की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होने, निजी वाहनों पर निर्भरता और यातायात जाम कम होने के साथ-साथ वाहनों से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार