(अपडेट) सूरत आज स्वच्छता का रोल मॉडल ही नहीं बल्कि ऊर्जावान शहर भी है : प्रधानमंत्री
सूरत, 05 जून (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सूरत आज स्वच्छता का रोल मॉडल ही नहीं बल्कि ऊर्जावान शहर भी है। उन्होंने कहा कि कभी प्लेग जैसी गंभीर महामारी से प्रभावित रहा सूरत आज देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल होकर पूरे देश के लिए प्रेरणा बन गया है। उन्होंने कहा कि सूरत केवल एक शहर नहीं अपितु एक ऊर्जावान और जनशक्ति का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सूरत के इंडोर स्टेडियम में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे
थे। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत स्थानीय अंदाज में “केम छो बधा, आपड़ू सूरत मजामा ने?” कहकर की, जिससे उपस्थित जनसमूह में उत्साह की लहर दौड़ गई। उन्होंने गुजरात और सूरत की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य के लोगों ने भाजपा की सेवा और विकास की राजनीति को लगातार समर्थन दिया है। हाल ही में हुए स्थानीय निकाय के चुनावों में मिले प्रचंड जनादेश को उन्होंने जनता के विश्वास का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह जीत केवल राजनीतिक सफलता नहीं है, बल्कि विकास और जनसेवा के मिशन को आगे बढ़ाने की नई जिम्मेदारी भी है। उन्होंने “विकसित गुजरात, विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने के लिए सभी से मिलकर काम करने का आह्वान किया।
स्थानीय निकाय चुनावों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात की जनता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अभूतपूर्व विश्वास जताया है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और किसी भी राजनीतिक दल को इतने लंबे समय तक लगातार जनसेवा का अवसर मिलना दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई दशकों से गुजरात की जनता भाजपा को निरंतर आशीर्वाद दे रही है और समय के साथ यह विश्वास और मजबूत हुआ है।
प्रधानमंत्री ने स्वच्छता अभियान की सराहना करते हुए कहा कि सूरत में एक लाख से अधिक लोगों ने पांच दिनों तक चलाए गए विशेष अभियान में भाग लेकर शहर से कचरा एकत्र किया। उन्होंने इसे अपने लिए सबसे बड़ा उपहार बताते हुए सूरतवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। पर्यावरण
संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की अपील करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जनभागीदारी से ही पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि भारत आज “प्रकृति के साथ प्रगति” के मंत्र को अपनाकर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को पहचानते हुए गुजरात ने वर्षों पहले ही दूरदर्शी कदम उठाए थे। इस सदी की शुरुआत में राज्य में जलवायु परिवर्तन के लिए अलग विभाग की स्थापना की गई थी, जो देश में अपनी तरह की पहली पहल थी। उन्होंने पाटन जिले के चारणका में देश के पहले सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना का उल्लेख करते हुए कहा कि गुजरात ने हरित ऊर्जा के क्षेत्र में पूरे देश को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि आज भारत हरित ऊर्जा और टिकाऊ विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। विश्व हरित भविष्य की ओर अग्रसर है और भारत भी हरित विकास को केंद्र में रखकर नई विकास रणनीति पर कार्य कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने सूरत में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं शहर और राज्य के विकास को नई गति प्रदान करेंगी।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के इस दौर में भी 140 करोड़ देशवासियों को विश्वास है कि देश सुरक्षित हाथों में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती को विकास के अवसर में बदलने का कार्य किया है और उनके नेतृत्व में भारत पर्यावरण संरक्षण तथा विकास के बीच संतुलन स्थापित करते हुए नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
कार्यक्रम में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल, उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी, भाजपा प्रदेश प्रमुख जगदीश विश्वकर्मा समेत कई सांसद, विधायक व पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहें।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे