प्रधानमंत्री कल सूरत में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को देंगे नई गति

 


सूरत, 04 जून (हि.स.)। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सूरत दौरे पर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से देशभर में चलाए जा रहे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को सूरत में विशेष रूप से विस्तार दिया जाएगा। इस दाैरान वे रुद्राक्ष का पाैधा राेपेंगे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर के हरित क्षेत्र को बढ़ाना तथा औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन को सुदृढ़ बनाना है।

सूचना विभाग के अनुसार स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रबल समर्थक प्रधानमंत्री के स्वागत और कार्यक्रम की तैयारियों को जिला प्रशासन और सूरत महानगरपालिका ने अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। जिला कलक्टर और नगर आयुक्त के मार्गदर्शन में विभिन्न विभाग समन्वय के साथ तैयारियों में जुटे हुए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री सबसे पहले हजीरा स्थित एक प्रमुख निर्माण इकाई का दौरा करेंगे, जहां वे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पाैधरोपण करेंगे। यह कार्यक्रम उद्योग और पर्यावरण के संतुलित सह-अस्तित्व का संदेश देगा तथा यह दर्शाएगा कि विकास और प्रकृति संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं।

इसके बाद प्रधानमंत्री सूरत के आच्छादित क्रीड़ांगण में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में भाग लेंगे। यहां वे धार्मिक, आध्यात्मिक तथा औषधीय दृष्टि से महत्वपूर्ण रुद्राक्ष के पौधे का रोपण करेंगे। कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में लोग पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान के साक्षी बनेंगे।

विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में सूरत सामाजिक वानिकी विभाग द्वारा आच्छादित क्रीड़ांगण परिसर में विशेष प्रदर्शनी एवं वितरण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। कार्यक्रम में आने वाले नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित करने के उद्देश्य से लगभग 2,000 पवित्र एवं औषधीय पौधों का निःशुल्क वितरण किया जाएगा। इनमें नगोड़, तुलसी, शहतूत, समड़ी तथा सिंदूर जैसे पौधे शामिल होंगे।

वन विभाग द्वारा सभी पौधे विशेष रूप से तैयार किए गए मिट्टी तथा जैविक रूप से अनुकूल गमलों में वितरित किए जाएंगे। पूरे कार्यक्रम में प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस पहल के माध्यम से सूरत देश को ‘हरित प्रशासन’, ‘हरित सूरत, स्वच्छ सूरत’ तथा पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश देगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे