भारत विश्व में विश्वसनीय सहयोगी के तौर पर उभर रहा : प्रधानमंत्री मोदी
नई दिल्ली, 18 जून (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि दुनिया में अब भागीदारी व्यापार पर नहीं बल्कि विश्वास पर निर्भर करने लगी है। विश्वसनीय सप्लाई चैन इसमें बड़ा रोल निभा रही है। ऐसे में भारत अब विश्व में विश्वसनीय सहयोगी के तौर पर उभर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने आज पेरिस में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। सामुदायिक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जी7 शिखर सम्मेलन में उन्होंने विश्वास पर आधारित साझेदारी पर जोर दिया है। साथ ही विकासशील देशों, वैश्विक दक्षिण की वकालत करते हुए उसे समान भागीदारी दिए जाने की बात कही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जी7 शिखर सम्मेलन में भारत का संदेश साफ था कि ग्लोबल गवर्नेंस तभी असरदार होगी जब वह सबको साथ लेकर चलने वाली हो। वैश्विक विकास तभी टिकाऊ होगा जब उसका फायदा सबको मिले। और टेक्नोलॉजी से इंसानियत को तभी सही मायने में लाभ होगा जब उस पर भरोसा किया जाए।
भारत में बदल रहे परिवेश को भारतीय समुदाय के समक्ष रखते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश में एक पूरा इकोसिस्टम बन रहा है। भारत एक साथ हर उसे क्षेत्र में निवेश कर रहा है, जो आने वाले दशकों की दिशा तय करेगा। भारत की कहानी केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है बल्कि एक सामाजिक बदलाव को भी दर्शा रही है। पिछले 12 वर्षों में देश के 25 करोड लोग गरीबी से बाहर निकले हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान कालखंड भारत की आकांक्षाओं को नई बुलंदियों पर ले जाने का है। पिछले 12 वर्षों में भारत का सकल घरेलू उत्पादन दोगुना, एयरपोर्ट की संख्या दोगुना, विश्वविद्यालय की संख्या दोगुना, हाईवे निर्माण की गति तीन गुना और मेट्रो नेटवर्क चार गुना बढ़ गया है।
उन्होंने कहा, “आज भारत न सिर्फ लोगों की पहचान को डिजिटल बना रहा है, बल्कि उसने लगभग 90 करोड़ नागरिकों के लिए 'यूनिक डिजिटल हेल्थ आईडी' भी बनाई हैं। इसके नतीजे में, मेडिकल रिकॉर्ड अब सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध हैं, जिससे हेल्थकेयर सर्विस देना ज़्यादा कुशल और सुविधाजनक हो गया है। हैरानी की बात यह है कि इनमें से ज़्यादातर उपलब्धियाँ कुछ साल पहले तक अकल्पनीय लगती थीं। कौन सोच सकता था कि हाई-स्पीड इंटरनेट सबसे दूर-दराज के गाँवों तक भी पहुंच जाएगा?”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण में भारत और फ्रांस की मैत्री का जिक्र करते हुए कहा कि फुटबॉल दोनों देशों को जोड़ने वाला एक बंधन है। विश्व कप में फ्रांस की टीम के भारत में बहुत अधिक प्रशंसक हैं और वह फ्रांस की टीम को शुभकामनाएं देते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा