पश्चिम एशिया संकट के बीच प्रधानमंत्री ने हैदराबाद में लोगों से पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील की, विदेश यात्रा और सोना खरीदने से बचने की दी सलाह

 


हैदराबाद, 10 मई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हैदराबाद में पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक संकट के बीच देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने, विदेशी यात्राएं टालने, सोने की खरीद कम करने और स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि वैश्विक हालात को देखते हुए विदेशी मुद्रा बचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और हर नागरिक को इसमें योगदान देना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अपनी जरूरत का पेट्रोल, डीजल और गैस बड़े पैमाने पर विदेशों से आयात करता है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और सप्लाई चेन संकट के कारण पूरी दुनिया में ईंधन और उर्वरकों की कीमतें कई गुना बढ़ चुकी हैं। केंद्र सरकार देशवासियों पर बोझ कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन अब नागरिकों को भी अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता देनी होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभक्ति केवल देश के लिए मरने में नहीं, बल्कि देश के लिए जीने और अपने कर्तव्यों को निभाने में भी होती है। उन्होंने लोगों से पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करने का आग्रह करते हुए कहा कि जहां मेट्रो सुविधा उपलब्ध है, वहां निजी वाहनों के बजाय मेट्रो का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कार पूलिंग को भी बढ़ावा देने की अपील की और कहा कि माल ढुलाई के लिए रेलवे का अधिक उपयोग होना चाहिए, क्योंकि इलेक्ट्रिक रेलवे से ईंधन की बचत होती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में लोगों ने वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी व्यवस्थाओं को अपनाया था। आज समय की मांग है कि उन व्यवस्थाओं को फिर से प्राथमिकता दी जाए ताकि ईंधन की खपत कम हो और विदेशी मुद्रा की बचत हो सके। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी देश की बहुत बड़ी मदद कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज मध्यवर्ग में विदेश घूमने और विदेशों में छुट्टियां मनाने का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन मौजूदा संकट के समय लोगों को कम से कम एक वर्ष तक विदेश यात्राएं टालनी चाहिए। भारत में ही अनेक सुंदर पर्यटन स्थल और सुविधाएं मौजूद हैं और लोगों को देश के भीतर पर्यटन को प्राथमिकता देनी चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सोने की खरीद में भी बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगले एक वर्ष तक घरों में किसी भी समारोह या कार्यक्रम के लिए सोने के गहनों की खरीद से बचना चाहिए। पहले युद्ध और संकट के समय लोग देशहित में सोना दान कर देते थे और आज जरूरत दान की नहीं, बल्कि संयम की है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि खाने के तेल के आयात पर भी बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। उन्होंने लोगों से खाने के तेल की खपत कम करने का आग्रह करते हुए कहा कि यदि हर परिवार 10 प्रतिशत तेल का उपयोग कम कर दे तो इससे देश की विदेशी मुद्रा भी बचेगी और लोगों का स्वास्थ्य भी बेहतर होगा। यह देश सेवा और देह सेवा दोनों का कार्य होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में रासायनिक उर्वरकों का भी आयात करता है और इसके कारण विदेशी मुद्रा पर भारी दबाव पड़ता है। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की जरूरत बताते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करना होगा। इससे खेतों की उर्वरता भी बचेगी और विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार खेतों में डीजल पंप की जगह सोलर पंप लगाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सौर ऊर्जा और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों को स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को प्राथमिकता देनी चाहिए। घरों में इस्तेमाल होने वाली अनेक छोटी-बड़ी वस्तुएं विदेशों से आ रही हैं और लोगों को इसकी सूची बनाकर धीरे-धीरे स्वदेशी उत्पादों को अपनाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले से खरीदी गई विदेशी वस्तुओं को फेंकने की जरूरत नहीं है, लेकिन आगे नई विदेशी वस्तुओं की खरीद से बचना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनने से रोकने वाली ताकतों से सावधान रहने की जरूरत है। देश में कुछ ऐसे प्रयास हुए जिनके कारण कॉपर जैसे क्षेत्रों में भारत को आयात पर निर्भर होना पड़ा। उन्होंने श्रमिक संगठनों और विभिन्न समूहों से भी देशहित को सर्वोपरि रखने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड संकट, यूक्रेन युद्ध और अब पश्चिम एशिया के संघर्ष ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। भारत ने इन चुनौतियों के बीच भी किसानों को सस्ती खाद उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि दुनिया में खाद की एक बोरी तीन हजार रुपये तक बिक रही थी, जबकि भारत सरकार किसानों को वही खाद 300 रुपये से कम कीमत पर उपलब्ध करा रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक संकट के इस दौर में हर नागरिक, हर राजनीतिक दल, हर सरकार और हर संगठन को एकजुट होकर देशहित में कार्य करना होगा। उन्होंने मीडिया से भी देशहित में सकारात्मक वातावरण बनाने और लोगों को जागरूक करने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि असम में भाजपा सरकार की हैट्रिक लगी है, पुडुचेरी में एनडीए सरकार दोबारा सत्ता में आई है और पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार बनी है। उन्होंने दावा किया कि तेलंगाना में भी जनता बदलाव चाहती है और अगली बार राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार तेलंगाना के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हाल ही में हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है। इनमें जहीराबाद औद्योगिक क्षेत्र और वारंगल पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क जैसी परियोजनाएं शामिल हैं, जिनसे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और किसानों को भी लाभ मिलेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर