प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर्तव्यनिष्ठा को बताया सर्वोच्च सिद्धि का मार्ग
नई दिल्ली, 30 सितंबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर्तव्यों के प्रति समर्पण और ईमानदारी के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि व्यक्ति अपने निर्धारित कर्तव्यों का लगन और निष्ठा से पालन करके सर्वोच्च सिद्धि प्राप्त कर सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संस्कृत सुभाषित साझा किया। उन्होंने लिखा—
“स्वे स्वे कर्मण्यभिरतः संसिद्धिं लभते नरः।स्वकर्मनिरतः सिद्धिं यथा विन्दति तच्छृणु॥”
इस सुभाषित का भावार्थ है कि जो व्यक्ति अपने-अपने कर्तव्यों में समर्पित रहता है, वह सर्वोच्च सिद्धि प्राप्त करता है। इसमें अपने कर्म के प्रति निष्ठा और लगन को सफलता का आधार बताया गया है।
सुभाषित के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि व्यक्ति को अपने निर्धारित कर्तव्यों का ईमानदारी और पूरी निष्ठा के साथ पालन करना चाहिए। समर्पित होकर किए गए कर्म के माध्यम से जीवन में उच्चतम उपलब्धि हासिल की जा सकती है।-------------
हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी