फ्रांस के निवेशकों को भारत की विकास यात्रा से जुड़ने का न्योता : प्रधानमंत्री मोदी

 


नीस (फ्रांस), 14 जून (हि.स.)। भारत और फ्रांस के बीच मनाए जा रहे 'नवाचार वर्ष' (इयर ऑफ इनोवेशन) के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। इस आयोजन से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक स्तर के प्रमुख निवेशकों और वेंचर कैपिटल (जोखिम पूंजी) प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और भारत में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर सिलसिलेवार पोस्ट कर इस कार्यक्रम और मुलाकातों की जानकारी साझा की। उन्होंने राष्ट्रपति मैक्रों का आभार जताते हुए लिखा कि 'मेरे मित्र राष्ट्रपति मैक्रों, नीस में आपसे दोबारा मिलकर बेहद खुशी हुई। 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम में भाग लेने के लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूँ क्योंकि हमारे दोनों देश मिलकर 'नवाचार वर्ष' मना रहे हैं।'

एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने निवेशकों के साथ हुई बैठक को बेहद समृद्ध और दूरदर्शी बताया। उन्होंने लिखा कि 'भारत इनोवेट्स 2026' में हुई चर्चाएं काफी ज्ञानवर्धक रहीं। इस दौरान निवेशकों और वेंचर कैपिटल लीडर्स के साथ नवाचार, प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी), विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और उभरते क्षेत्रों में भारत द्वारा पेश किए जा रहे असीमित अवसरों पर बातचीत हुई।

प्रधानमंत्री ने भारत को निवेश का सबसे आकर्षक केंद्र बताते हुए लिखा कि 'भारत की विकास यात्रा देश की प्रतिभा, बड़े पैमाने (स्केल), स्थिरता और निरंतर हो रहे सुधारों (रिफॉर्म्स) से संचालित है। यही खूबियां भारत को वैश्विक निवेश और नवाचार के लिए एक पसंदीदा और आकर्षक गंतव्य बनाती हैं।' इसी संदेश को प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पर फ्रेंच भाषा में भी साझा किया।

इस तीन दिवसीय आयोजन में भारत के 120 अग्रणी स्टार्टअप और 20 से अधिक उत्कृष्ट संस्थान भाग ले रहे हैं, जो वैश्विक महत्व के 13 महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी स्तंभों पर भारत की डीप-टेक क्षमताओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यक्रम में दुनिया भर के 350 से अधिक शीर्ष निवेशकों और वेंचर कैपिटलिस्टों ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, बायोटेक्नोलॉजी, रक्षा, अंतरिक्ष और क्लीन एनर्जी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों के स्टार्टअप्स और नवोन्मेषकों (इनोवेटर्स) के साथ सीधा संवाद भी किया।

समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा व स्थिरता को बढ़ावा देने वाली भारत-फ्रांस की संयुक्त पहलों का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने ग्रामीण विकास के लिए उपग्रह प्रौद्योगिकी, सतत जीवन के लिए उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) और स्वच्छ विकास के लिए ग्रीन हाइड्रोजन व इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की परिवर्तनकारी क्षमता पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद उद्यमियों और निवेशकों से ऐसी तकनीकों को विकसित करने का आह्वान किया जो विश्वसनीय, समावेशी और मानव-केंद्रित हों। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि स्टार्टअप्स का मूल्यांकन केवल उनके बाजार मूल्य (मार्केट वैल्यूएशन) से नहीं बल्कि मानवता पर उनके सकारात्मक प्रभाव से भी किया जाना चाहिए। उन्होंने वैश्विक समुदाय को वैश्विक नवाचार के इस नए अध्याय को सह-निर्मित करने के लिए भारत के साथ हाथ मिलाने का निमंत्रण दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर