प्रधानमंत्री का असम के भाजपा बूथ कार्यकर्ताओं से संवाद, कहा विकास और घुसपैठ प्रमुख चुनावी मुद्दे

 


नई दिल्ली, 30 मार्च (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को असम के भाजपा बूथ कार्यकर्ताओं से नमो ऐप के माध्यम से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा-एनडीए की हैट्रिक जीत के लिए कार्यकर्ताओं से कड़ी मेहनत करने की अपील की। उन्होंने विपक्षी दलों पर घुसपैठ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा असम की अस्मिता, सुरक्षा और संस्कृति से सीधे जुड़ा हुआ है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को नमो ऐप के जरिए 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' कार्यक्रम के तहत राज्य के भाजपा कार्यकर्ताओं से बात की। उन्होंने कहा कि पार्टी जो भी दायित्व सौंपती है, उसे निभाने के लिए वे पूरी ताकत लगाते हैं। असम में भाजपा-एनडीए की हैट्रिक लगे, इसके लिए राज्य के पार्टी कार्यकर्ता जबरदस्त मेहनत कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने बोहाग बिहू और अन्य त्योहारों की तैयारियों के बीच चुनावी अभियान चलाने वाले कार्यकर्ताओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि असम ने लंबे समय तक अस्थिरता, हिंसा और उग्रवाद का दौर देखा था, लेकिन भाजपा की डबल इंजन सरकार ने शांति, विकास और सुरक्षा का नया दौर शुरू किया है। पिछले 10 वर्षों में 12 बड़े शांति समझौते हुए हैं जो असम की नई तस्वीर बनाते हैं।

संवाद के दौरान विभिन्न जिलों के कार्यकर्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए। सुनितपुर जिले के पंकज हजारी ने कहा कि साल 2016 से पहले असम में अराजकता और उग्रवाद चरम पर था, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद किसानों, व्यवसायियों और शिक्षकों के जीवन में अमूल्य परिवर्तन आया है। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि 18-22 साल के युवा मतदाता केवल पिछले 10 साल की शांति को जानते हैं, इसलिए बूथ कार्यकर्ताओं का दायित्व है कि उन्हें पुराने दिनों की हिंसा और कांग्रेस की नीतियों की याद दिलाएं। भाजपा कार्यकर्ता बूथ स्तर पर भजन संध्या, विरासत उत्सव और योजनाओं पर चर्चा के कार्यक्रम आयोजित करें ताकि नई पीढ़ी पुरानी गलतियों को दोहराने से बचे।

तामलपुर जिले के धनेश्वर ने बोडोलैंड समझौते के बाद आए बदलाव को विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि वह पार्टी कार्यकर्ता होने के साथ साथ वे व्यवसायी भी हैं। और राज्य के लोगों को पुरानी सरकार की कुरीतियों के बारे में बताते भी हैं। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि बोडोलैंड आज पूरे विश्व के लिए प्रेरणा बन गया है, जहां पहले कर्फ्यू और धमाके होते थे, आज शांति और सांस्कृतिक धुनें गूंज रही हैं। उन्होंने कहा कि बंदूक छोड़कर कलम थामने वाले पूर्व उग्रवादियों और उनकी माताओं के अनुभव साझा करने के कार्यक्रम बूथ स्तर पर आयोजित करें। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों की सूची बनाएं और उन्हें टोली बनाकर वोट डालने के लिए प्रेरित करें।

नौगांव जिले की दीपी दास ने कहा कि वह पिछले 9 साल से भाजपा के साथ लोगों की सेवा के लिए जुड़ी हुई हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) का लाभ मिला था। उसी धनराशि से उन्होंने जमीन लेकर तालाब बनवाया और मछली पालन शुरू किया। वह बच्चों को पढ़ाती भी हैं। वह भाजपा के साथ जुड़ी हुई हैं और लोगों को सरकार की तरफ से जागरुक भी कर रही हैं। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने नारी शक्ति को नए असम की सबसे बड़ी ताकत बताया और अरुणोदय योजना, लखपति दीदी अभियान जैसी योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देशभर में तीन करोड़ और असम में हजारों बहनों को लखपति बनाने का लक्ष्य है। महिलाओं के अनुभवों के शॉर्ट वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करें और बिहू के मौके पर पारंपरिक वस्त्रों जैसे गमोसा को बढ़ावा दें। वोटिंग के दिन परिवार की हर सदस्य को बूथ तक पहुंचाने की जिम्मेदारी महिलाओं को सौंपी।

कारबियांग जिले के देवराज ने घुसपैठियों के मुद्दे को असम के लिए जीवन-मरण का विषय बताया। उन्होंने कहा कि वह पिछले 15 सालों से भाजपा कार्यकर्ता है। वह जोरशोर से पार्टी के लिए मेहनत कर रहे हैं। राज्य में घुसपैठियों की बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि उनके जिले में हमेशा से घुसपैठ बहुत बड़ी चिंता रही है। कांग्रेस ने इन्हीं घुसपैठियों को वोटबैंक बना रखा है। उन्हें बांग्लादेश वापस खदेड़ने के लिए पूरा असम एक है। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि घुसपैठ असम की पहचान, सुरक्षा, किसानों की जमीन, आदिवासियों की रोजी-रोटी और महिलाओं के सम्मान से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि अवैध कब्जों की जानकारी रखें, पीड़ितों के वीडियो शेयर करें और लोगों को बताएं कि कांग्रेस ने अतिक्रमण दिया जबकि भाजपा अधिकार दे रही है। बाहर रह रहे युवा मतदाताओं को घर बुलाने और वोटिंग व्यवस्था बनाने को कहा।

तिनसुकिया विधानसभा से चाय बागान क्षेत्र के अर्जुन ग्वाला ने भूमि पट्टे मिलने से मजदूरों में आए बदलाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वह भाजपा तिनसुकिया किसान मोर्चा के सचिव हैं। उनका चाय बागान है। वह राज्य में भाजपा को जिताने के लिए तत्पर हैं। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि चाय बागान के लोग 200 साल से असम की पहचान हैं और भूमि पट्टा उनके बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने चाय बागानों में टी-गार्डन वर्कर्स की बैठकें आयोजित करने, पुरानी मुश्किलों और नए बदलाव की चर्चा करने को कहा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि असम के हजारों बूथ कार्यकर्ता ही उनका हाथ, पैर, कान और नाक हैं। उन्होंने रिकॉर्ड मतदान और रिकॉर्ड जीत का लक्ष्य रखने की अपील की।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर