एनर्जी का महत्व बढ़ा, भारत का 2047 तक 100 गीगावॉट का लक्ष्य, प्रधानमंत्री मोदी लाल किले की प्राचीर से
नई दिल्ली, 15 अगस्त (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इस समय स्वतंत्रता दिवस समारोह के उपलक्ष्य में लाल किले की प्राचीर से संबोधन जारी है। उन्होंने कहा कि आज एनर्जी का महत्व बढ़ा है। इसके बिना दुनिया नहीं चलती। हमें बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत है। एनर्जी सिक्योरिटी हमारे समय की मांग है। इस दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं। हमने संसद में शांति एक्ट पास किया। 2047 तक 100 गीगावॉट का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मेक इन इंडिया, स्वदेशी और वोकल फॉर लोकल इन सारे क्षेत्रों में आज हर भारतीय का मन जुड़ रहा है। देश आजाद होने के बाद हमारे यहां सेमीकंडक्टर की बातें होती थीं लेकिन हमारे कोई प्लांट नहीं बना। आज चिप का महत्व हम समझते हैं। हर क्षेत्र में चिप जरूरी है। चिप के बिना दुनिया थम जाएगी। भारत ने आत्मनिर्भर होने की दिशा में अपना सेमीकंडक्टर प्लांट लगाया। तीन प्लांट शुरू हो गए हैं और वहां से एक्सपोर्ट होना भी शुरू हो गया है।
उन्होंने कहा कि 12 साल में डिफेंस प्रोडक्शन 4 गुना हो गया है। खादी और ग्रामोद्योग पांच गुना और इलेक्ट्रिक मैन्यूफैक्चरिंग 7 गुना हुआ है। रेलवे कोच का निर्माण 21 गुना हो गया है। मोबाइल फोन उत्पादन 33 गुना बढ़ गया। इंटरनेट यूजर बढ़कर 4 गुना हो गए हैं। डिजिटल ट्रांजेक्शन 100 गुना बढ़ चुका है। हर साल औसतन 15 गुना ज्यादा तेजी से नल से जल कनेक्शन दिए।छह गुनी ज्यादा रफ्तार से गैस कनेक्शन दिए। हर साल तीन गुना ज्यादा तेजी से गरीबों के लिए घर देने का काम किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आज भारत ने बहुत बड़ा सपना दृढ़ संकल्प के साथ देखा है। वो सपना है जब आजादी के 100 साल होंगे तो 1947 में तो हम विकसित भारत बनाकर रहेंगे। जब दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश विकसित होने का संकल्प लेता है तो दुनिया हमारी तरफ देखने का नजरिया बदलने को मजबूर हो जाती है। कोई भी देश तब महान बनता है जब अपने सपनों को प्राप्त करता है जब संकल्पों और सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है। देश अब छोटे सपनों से चलने वाला नहीं है। बड़े सपने हमारी सोच को विस्तार देते हैं। हमारे संकल्प दृढ़ होना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद