प्रधानमंत्री मोदी ने मिशन प्रमुख सम्मेलन में रखी प्राथमिकताएं-वैश्विक जुड़ाव, व्यापार और तकनीक पर जोर

 




नई दिल्ली, 30 अप्रैल (हि.स.)।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित मिशन प्रमुख सम्मेलन में भारत के वैश्विक जुड़ाव को मजबूत करने, व्यापार, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक साझेदारियों को आगे बढ़ाने तथा प्रवासी भारतीयों के साथ संबंधों को और गहरा करने पर जोर दिया।

विदेश मंत्रालय द्वारा 28 से 30 अप्रैल तक राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर, पूसा में आयोजित 11वें मिशन प्रमुख सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने विदेशों में भारत के राष्ट्रीय हितों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए मिशन प्रमुखों को मार्गदर्शन दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि उन्होंने नई दिल्ली में 'हेड्स ऑफ मिशन्स कॉन्फ्रेंस' में हिस्सा लिया। हमने व्यापार, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक साझेदारियों को बढ़ावा देकर भारत की वैश्विक भागीदारी को मज़बूत करने के साथ-साथ, अपने प्रवासी भारतीयों के साथ जुड़ाव को और गहरा करने पर विस्तार से चर्चा की।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 29 अप्रैल को सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की कूटनीतिक प्राथमिकताओं को रेखांकित किया।

तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान प्रतिभागियों ने योग सत्र, ब्रेनस्टॉर्मिंग, टेबल टॉप अभ्यास और विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की। इन चर्चाओं में वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम, उभरती प्रौद्योगिकियां, 3टी—व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन, ‘भारत की कहानी’ तथा भविष्य उन्मुख कूटनीति जैसे विषय शामिल रहे।

सम्मेलन की थीम “भारतीय कूटनीति में सुधार 2047” रही, जिसका उद्देश्य भारत की कूटनीतिक व्यवस्था को आने वाले वर्षों के लिए और अधिक सशक्त एवं सक्षम बनाना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार