प्रधानमंत्री 17 जुलाई को हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब के दौरे पर, देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को दिखाएंगे हरी झंडी
नई दिल्ली, 15 जुलाई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 जुलाई को हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के दौरे पर जाएंगे। इस दौरान वह देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन चालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे तथा तीनों राज्यों में करीब 26,770 करोड़ रुपये की रेल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार प्रधानमंत्री सुबह करीब 11 बजे हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से जींद-सोनीपत के बीच देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को रवाना करेंगे। स्वदेशी तकनीक से डिजाइन और विकसित यह ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी से चलती है, जो ट्रेन को आगे बढ़ाने के लिए हाइड्रोजन को बिजली में बदलती है। इस प्रक्रिया में बाई-प्रोडक्ट के तौर पर सिर्फ़ पानी की भाप निकलती है, जिससे ट्रेन के चलने के दौरान कार्बन का उत्सर्जन बिल्कुल नहीं होता।
10 कोच वाली यह ट्रेन 3,200 हॉर्स पावर के प्रोपल्शन सिस्टम से चलती है जो इसे दुनिया की सबसे लंबी तथा सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन चालित यात्री ट्रेनों में से एक बनाता है। इसके साथ भारत परिचालन स्तर पर हाइड्रोजन ट्रेन चलाने वाले चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा।
जींद के एकलव्य स्टेडियम में प्रधानमंत्री करीब 14,700 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। इनमें 12,470 करोड़ रुपये से अधिक की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं प्रमुख हैं। प्रधानमंत्री 157.92 किलोमीटर लंबे दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे (पैकेज-1 से 5), 33.81 किलोमीटर लंबे अंबाला-काला अंब राजमार्ग तथा 40.60 किलोमीटर लंबे जींद-गोहाना ग्रीनफील्ड हाई-वे को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। साथ ही हांसी-बरवाला ब्राउनफील्ड हाई-वे का शिलान्यास भी करेंगे।
प्रधानमंत्री कुरुक्षेत्र में एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का उद्घाटन करेंगे, जिससे शहर में लंबे समय से चली आ रही रेलवे फाटकों पर यातायात की समस्या दूर होगी। वह भिवानी स्थित पंडित नेकी राम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज, नारनौल के महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज एवं राव तुलाराम अस्पताल को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसके अलावा कुरुक्षेत्र में सिख संग्रहालय की आधारशिला भी रखेंगे।
इसके बाद प्रधानमंत्री चंडीगढ़ पहुंचेंगे, जहां वह 6,600 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। वह पीजीआईएमईआर में एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर तथा एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर का उद्घाटन करेंगे और 150 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक की आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज और सरकारी कॉलेज सेक्टर-46 से जुड़े छात्रावासों की परियोजनाओं तथा क्षेत्र की प्रमुख सड़क अवसंरचना परियोजनाओं का भी शुभारंभ करेंगे। इनमें आईटी सिटी-कुराली छह लेन ग्रीनफील्ड हाई-वे, जीरकपुर ग्रीनफील्ड बाईपास तथा पीआर-7 स्पर कॉरिडोर शामिल हैं।
दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री पंजाब के जालंधर जाएंगे, जहां वह 5,470 करोड़ रुपये से अधिक की रेल एवं सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। वह अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश के 20 राज्यों के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण करेंगे। इन स्टेशनों का पुनर्विकास लगभग 1,570 करोड़ रुपये की लागत से 'विरासत भी, विकास भी' की अवधारणा के अनुरूप किया गया है।
प्रधानमंत्री नंगल डैम-तलवाड़ा-मुकेरियन नई रेल लाइन परियोजना के तहत लगभग 830 करोड़ रुपये की लागत से बनी दौलतपुर चौक-करतोली नई रेल लाइन का भी उद्घाटन करेंगे। इससे पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच रेल कनेक्टिविटी काफी मजबूत होगी, जिससे होशियारपुर और ऊना जिलों को फायदा होगा। यह नई रेल लाइन श्री आनंदपुर साहिब और मां चिंतपूर्णी मंदिर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों तक कनेक्टिविटी देगी, साथ ही यात्रियों को परिवहन का तेज, सुरक्षित और अधिक विश्वसनीय साधन उपलब्ध कराकर दूर-दराज के इलाकों तक पहुंच को बेहतर बनाएगी।
प्रधानमंत्री करतोली-अंबाला रेल सेवा तथा अमृतसर (छेहरटा)-वाराणसी रेल सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे। साथ ही दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के पैकेज-6 का उद्घाटन करेंगे तथा लुधियाना दक्षिणी ग्रीनफील्ड बाईपास की आधारशिला रखेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार