मप्र के इंदौर में ‘पीएम ई-बस सेवा’ का आई-14 रूट पर ट्रायल हुआ शुरू

 




इंदौर, 04 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘पीएम ई-बस सेवा’ के अंतर्गत शनिवार से रूट नंबर आई-14 पर ट्रायल शुरू हो गया है। इस रूट पर 10 इलेक्ट्रिक बसों का तकनीकी एवं व्यावसायिक ट्रायल प्रारंभ हुआ है। यह रूट राऊ रंगवासा से रणजीत हनुमान, राजवाड़ा और बंगाली स्क्वायर होते हुए कनाड़िया बाइपास तक है।

इंदौर को मिलीं 150 अत्याधुनिक ई-बसें

भारत सरकार की इस विशेष योजना के अंतर्गत इंदौर शहर को कुल 150 हाई-टेक इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की गई हैं। 9 मीटर लंबाई की यह बसें पूर्णतः वातानुकूलित हैं। ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए इन इलेक्ट्रिक बसों का संचालन आधुनिक सुविधाओं को समाहित किया जाएगा। इसी योजना के अंतर्गत आज से 10 बसों का ट्रायल रन प्रारंभ किया गया है। इसे चरणबद्ध तरीके से धीरे-धीरे बढ़ाकर 150 बसों तक किया जाएगा।

सुरक्षा और हाई-टेक सुविधाओं से लैस

यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए इन बसों में विश्वस्तरीय तकनीकों का समावेश किया गया है। सिक्योरिटी सिस्टम एवं लाइव मॉनिटरिंग सभी बसों में सीसीटीवी कैमरे और 'पैनिक बटन' की सुविधा हैं। इन बसों में लगे सीसीटीवी कैमरों का फीड (फुटेज) सीधे सेंट्रल कंट्रोल रूम में लाइव देखा जा सकेगा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग और भी बेहतर होगी।

इंटेलिजेंट मैनेजमेंट बसों के रियल-टाइम संचालन, ट्रैकिंग और शेड्यूलिंग के लिए आईटीएमएस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। जिसका मॉनिटरिंग एआईसीटीएस एल कार्यालय एवं नायता मुंडला डिपो स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर द्वारा की जाएगी। डिजिटल टिकटिंग डिजिटलीकरण के प्रति जागरूकता एवं कैशलेस यात्रा को बढ़ावा के लिए बसों में डिजिटल किराया संग्रहण प्रणाली का उपयोग किया जाएगा।

स्मार्ट स्टाफ : 'कोच कैप्टन' और 'डिजिटल असिस्टेंट' संभालेंगे कमान

परिवहन के इस आधुनिक ढांचे को संचालित करने के लिए पारंपरिक ड्राइवर और कंडक्टर के स्थान पर अब विशेष रूप से प्रशिक्षित एवं वर्दीधारी ‘कोच कैप्टन’ और ‘डिजिटल असिस्टेंट’ की नियुक्ति की जा रही है। जो यात्रियों को सुविधाजनक, सुरक्षित एवं विश्वस्तरीय सफर का अनुभव कराएंगे।

दिव्यांगजनों के लिए विशेष व्यवस्था

बसों में व्हीलचेयर असिस्टेंस सिस्टम की सुविधा उपलब्ध है, जिससे दिव्यांग नागरिकों को बस में चढ़ने और उतरने में सुगमता व सुविधा होगी।

शहरी विकास के साथ ग्रामीण अंचलों की कनेक्टिविटी

भविष्य में यह ई-बसें न केवल इंदौर शहर के भीतर संचालित होंगी, बल्कि आसपास के प्रमुख कस्बों, गांवों और बाहरी क्षेत्रों (पेरी-अर्बन एरिया) को भी मुख्य शहर से जोड़ेंगी। इसके प्रारंभ होने से शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र की जनता को भी एक बेहतर, किफायती, सुरक्षित और स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन सुविधा का लाभ मिलेगा। प्रशासन द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस अत्याधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बस सेवा का अधिक से अधिक उपयोग कर, इस सुविधा का लाभ लें।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत