प्रधानमंत्री मोदी ने संस्कृत सुभाषित से दृढ़ संकल्प और परिश्रम की शक्ति बताई

 


नई दिल्ली, 06 मार्च (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत की शक्ति को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषित का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत के लोग अपने दृढ़ निश्चय से सबसे कठिन कार्यों को भी संभव बना सकते हैं। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को एक्स पोस्ट में कहा कि जब लोग सही दिशा में लगातार प्रयास करते हैं, तो वे बड़े से बड़े लक्ष्य को भी प्राप्त कर लेते हैं।

उन्होंने इस संदर्भ में संस्कृत का एक सुभाषित साझा किया, “यद् दूरं यद् दुराध्यं यच्च दूरे सत्यम्। तत् सर्वं तपसा साध्यं तपो हि दुरतिक्रमम्॥” इस सुभाषित का अर्थ है कि लक्ष्य चाहे कितना भी दूर या कठिन क्यों न लगे, दृढ़ संकल्प, धैर्य और निरंतर परिश्रम के माध्यम से उसे हासिल किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने संदेश में लिखा कि भारत के लोग अपने दृढ़ निश्चय से किसी भी कार्य को संभव बना सकते हैं और सही दिशा में की गई कड़ी मेहनत से वे बड़े से बड़े लक्ष्य को भी हासिल कर सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी