मोदी की विदेश यात्रा की शुरुआत यूएई से होगी

 

नई दिल्ली, 12 मई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी पांच देशाें की यात्रा की शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से करेंगे जहां यूएई से भारत की ऊर्जा सुरक्षा के बारे में अहम समझौते होने की संभावना है जबकि नॉर्डिक देशों के साथ स्वच्छ ऊर्जा एवं हरित प्रौद्योगिकी के बारे में महत्वपूर्ण साझीदारी बनाने का प्रयास किया जाएगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज यहां नियमित ब्रीफिंग में प्रधानमंत्री की आगामी पांच देशों की यात्रा के बारे में कहा, प्रधानमंत्री पांच देशों के दौरे पर निकल रहे हैं। उनके कार्यक्रम का पहला पड़ाव यूएई होगा। जैसा कि आप जानते हैं, यूएई के साथ हमारे बहुआयामी संबंध हैं, जिनमें ऊर्जा सुरक्षा एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटक है। इस दौरे के दौरान भी चर्चा का मुख्य विषय ऊर्जा सुरक्षा ही रहेगा- विशेष रूप से, उनके साथ हमारी चल रही साझीदारी को और कैसे व्यापक और गहरा बनाया जाए, ताकि हम अपने स्वयं के ऊर्जा सुरक्षा ढांचे को प्रभावी ढंग से मजबूत कर सकें।

जायसवाल ने कहा कि यूएई के नेतृत्व के साथ चर्चाओं में व्यापार और निवेश के संबंध में दोनों देशों के बीच सहयोग के संभावित रास्तों पर भी बात होगी और यह भी कि इस तरह के सहयोग को और कैसे बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा वहां हमारा एक बहुत बड़ा प्रवासी समुदाय रहता है। इसके अतिरिक्त इस दौरे में चार अन्य देश भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री नॉर्वे, स्वीडन, इटली तथा नीदरलैंड भी जाएंगे।

प्रवक्ता ने कहा कि नॉर्वे में नॉर्डिक शिखर सम्मेलन आयोजित होने वाला है। इन देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी होंगीं। ये देश नवान्वेषण के प्रमुख केंद्र हैं जहां भारत के नवान्वेषण इकोसिस्टम में पहले से ही महत्वपूर्ण काम चल रहा है, वहीं ये देश स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों और हरित बदलाव के क्षेत्रों में विशेष रूप से उन्नत हैं। परिणामस्वरूप, हमारी चर्चाओं में ये सभी विषय शामिल होंगे और हम यह पता लगाएंगे कि उन साझीदारियों को और कैसे मजबूत किया जाए जो 'विकसित भारत' के हमारे दृष्टिकोण में योगदान देती हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन बुधौलिया