संसद के दोनों सदन 30 मार्च 11 बजे तक के लिए स्थगित

 


नई दिल्ली, 27 मार्च (हि.स.)। संसद के दोनों सदनों में शुक्रवार को व्यापक सरकारी कामकाज देखने को मिला। जहां आमतौर पर शुक्रवार को प्राइवेट मेंबर बिल लिए जाते हैं, लेकिन शुक्रवार को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों में सरकारी कामकाज हुआ। लोकसभा में प्रश्न काल के बाद जन विश्वास संशोधन बिल, 2026 पेश किया गया। तो राज्यसभा में शूून्य काल, प्रश्न काल के साथ वित्त विधेयक पर चर्चा के बाद पारित कर लोकसभा को लौटा दिया गया। उसके बाद संसद के दोनों सदनों को 30 मार्च 11 बजे तक के लिए स्थगति कर दिया गया।

लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान उर्वरकों के कच्चे माल के आयात को लेकर सवाल उठा। इस पर केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने जवाब देते हुए कहा कि देश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और किसानों को जरूरत के मुताबिक खाद उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने पैनिक न करने की भी अपील की।

लोकसभा में जन विश्वास संशोधन बिल, 2026 पेश किया गया। इस बिल का मकसद छोटे-छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर, जेल की सजा की जगह जुर्माने का प्रावधान करना है। सरकार का कहना है कि इससे अदालतों पर बोझ कम होगा और ‘ट्रस्ट-बेस्ड गवर्नेंस’ को बढ़ावा मिलेगा।

राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त विधेयक और विनियोग विधेयक पर जवाब देते हुए कहा कि कर सुधारों से छोटे और मध्यम उद्योगों को मजबूती मिली है और टैक्स कलेक्शन में भी वृद्धि हुई है। चर्चा के बाद वित्त विधेयक पारित कर दिया गया और सभा की कार्यवाही 30 मार्च सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी