दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रकों-बसों की जगह स्वच्छ वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ‘परिवर्तन’ योजना के दिशा-निर्देश मंजूर

 

नई दिल्ली, 16 जुलाई (हि.स.)। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों एवं बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उनकी जगह भारत स्टेज-6 (बीएस-6) मानक अथवा विद्युत चालित वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ‘परिवर्तन’ (परिवहन वायु प्रदूषण एवं नेटवर्क उत्सर्जन में कमी हेतु वाहन परिसंपत्तियों के त्वरित नवीनीकरण और प्रोत्साहन कार्यक्रम) योजना के दिशा-निर्देशों को मंजूरी दे दी है।

केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि 9,585 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली इस योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 03 जून को मंजूरी दी थी। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 5,041 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता प्रदान की जाएगी। दिशा-निर्देशों के अनुमोदन के बाद योजना को लागू करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

योजना का क्रियान्वयन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय करेगा, जबकि इसके लिए वित्तीय सहायता राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। इससे दिल्ली-एनसीआर में वाहनों से होने वाले प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी और क्षेत्र की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।

योजना के तहत लाभार्थियों को मोटर वाहन कर में रियायत, पंजीकरण शुल्क में छूट, वाहन ऋण पर पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान, पात्र नए वाहनों पर मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) की ओर से न्यूनतम आठ प्रतिशत छूट, डीजल और सीएनजी आधारित प्रतिस्थापन वाहनों के लिए मासिक ईंधन वाउचर सहायता तथा विद्युत वाहनों के लिए एकमुश्त वित्तीय सहायता जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। इसके अलावा ‘जमा प्रमाणपत्र’ (सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट) के व्यापार को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सरकार ने नए खरीदे जाने वाले पात्र वाहनों पर दस वर्षों के लिए मोटर वाहन कर में रियायत तथा पंजीकरण शुल्क में छूट संबंधी अधिसूचनाएं जारी कर दी हैं।

मंत्रालय ने बताया कि वाणिज्यिक वाहन बाजार में 95 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखने वाली 11 वाहन निर्माता कंपनियों ने योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को विशेष छूट देने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

पूरी योजना का संचालन एक एकीकृत डिजिटल मंच के माध्यम से किया जाएगा, जिसे ‘वाहन’, ‘वी-स्क्रैप’, ‘डिजीईएलवी’, सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली, वित्तीय संस्थानों और ईंधन वाउचर प्रणाली से जोड़ा जाएगा, ताकि सभी लाभ पारदर्शी और डिजिटल तरीके से उपलब्ध कराए जा सकें।

केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड के अध्यक्ष मनोहर लाल ने कहा कि ‘परिवर्तन’ योजना के दिशा-निर्देशों की मंजूरी एनसीआर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पुराने और प्रदूषणकारी ट्रकों तथा बसों की संख्या में कमी आएगी और दिल्ली-एनसीआर के करोड़ों निवासियों को बेहतर वायु गुणवत्ता का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन तंत्र के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण पहल है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर