जन्माष्टमी पर ऐसे चमकाएं पीतल-तांबे की पुरानी मूर्तियां, लड्डू गोपाल के श्रृंगार से पहले इन बातों का रखें ध्यान

जन्माष्टमी का पर्व घरों में विशेष उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी। पर्व की तैयारियों में घर की साफ-सफाई के साथ पूजा स्थल और वहां विराजमान देवी-देवताओं की मूर्तियों की  सफाई भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। खासतौर पर लड्डू गोपाल का स्नान, शृंगार और पूजा की तैयारी श्रद्धालु विशेष तरीके से करते हैं। घरों में लंबे समय से रखी पीतल और तांबे की पुरानी मूर्तियों पर समय के साथ धूल, मैल और ऑक्सीडेशन की परत जम जाती है। ऐसे में इन्हें साफ करते समय कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है। आइए इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।

 

जन्माष्टमी का पर्व घरों में विशेष उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी। पर्व की तैयारियों में घर की साफ-सफाई के साथ पूजा स्थल और वहां विराजमान देवी-देवताओं की मूर्तियों की  सफाई भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। खासतौर पर लड्डू गोपाल का स्नान, शृंगार और पूजा की तैयारी श्रद्धालु विशेष तरीके से करते हैं। घरों में लंबे समय से रखी पीतल और तांबे की पुरानी मूर्तियों पर समय के साथ धूल, मैल और ऑक्सीडेशन की परत जम जाती है। ऐसे में इन्हें साफ करते समय कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है। आइए इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।

नींबू से सफाई करते समय रखें सावधानी

पीतल और तांबे की मूर्तियों की सफाई के लिए नींबू का इस्तेमाल आम है। नींबू में मौजूद प्राकृतिक अम्ल धातु की सतह पर जमा गंदगी और कुछ दाग हटाने में मदद कर सकता है। हालांकि, नींबू को बहुत देर तक मूर्ति पर लगाकर नहीं छोड़ना चाहिए। खासकर पुरानी, नक्काशीदार या रंग-लेप वाली मूर्तियों पर तेज अम्लीय पदार्थ नुकसान पहुंचा सकते हैं। सफाई के बाद मूर्ति को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर तुरंत मुलायम कपड़े से सुखा देना चाहिए। हिंदूधर्म


पीतल की मूर्ति ऐसे करें साफ

पीतल की मूर्ति को साफ करने के लिए सबसे पहले सूखे मुलायम कपड़े या बहुत नरम ब्रश से धूल हटाएं। इसके बाद हल्के गुनगुने पानी में थोड़ा-सा हल्का साबुन मिलाकर कपड़े से सतह साफ की जा सकती है। जिद्दी मैल के लिए नींबू के रस में थोड़ा बेकिंग सोडा मिलाकर हल्का पेस्ट बनाया जाता है, लेकिन इसे पहले मूर्ति के किसी छोटे और कम दिखाई देने वाले हिस्से पर जांचना बेहतर है। पेस्ट को जोर से रगड़ने के बजाय हल्के हाथ से लगाएं और थोड़ी देर बाद धो दें।


तांबे की मूर्ति की सफाई

तांबे पर समय के साथ हरे या गहरे रंग की परत दिखाई दे सकती है। ऐसी स्थिति में नींबू और थोड़े नमक का इस्तेमाल पारंपरिक घरेलू उपाय के तौर पर किया जाता है। इसे सतह पर हल्के हाथ से लगाया जा सकता है। बहुत अधिक रगड़ने या खुरदरे स्क्रबर का इस्तेमाल करने से मूर्ति पर खरोंच पड़ सकती है। सफाई के बाद पानी से अच्छी तरह धोकर सूखे कपड़े से नमी पूरी तरह हटा दें। हिंदूधर्म

लड्डू गोपाल के श्रृंगार में भी बरतें सावधानी

लड्डू गोपाल की मूर्ति पर यदि रंग, पॉलिश, वस्त्र या सजावटी काम किया गया है, तो पूरी मूर्ति पर किसी भी तरह का तेज क्लीनर या घरेलू रसायन इस्तेमाल न करें। आंखों, चेहरे की पेंटिंग और सजावटी हिस्सों को विशेष रूप से सावधानी से साफ करें। स्नान और सफाई के बाद मूर्ति को अच्छी तरह सुखाकर ही नए वस्त्र और आभूषण पहनाएं।

हर मूर्ति को चमकाना जरूरी नहीं

पुरानी मूर्तियों पर बनी प्राकृतिक परत हमेशा गंदगी नहीं होती। कई बार वह धातु के ऑक्सीडेशन या पुरानी फिनिश का हिस्सा हो सकती है। इसलिए केवल अधिक चमक पाने के लिए बार-बार रगड़कर सफाई करना उचित नहीं है। खासकर बहुत पुरानी या पारंपरिक मूर्तियों की सतह को सुरक्षित रखना चमकाने से ज्यादा महत्वपूर्ण है। जन्माष्टमी पर पूजा की तैयारी करते समय स्वच्छता के साथ मूर्ति की मूल सतह और सजावट को सुरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है।