विकसित भारत में समाज की होगी बड़ी भूमिका : ओम बिरला

 




नई दिल्ली, 07 जून (हि.स.)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को कहा कि भारत आज दुनिया में अवसरों की सबसे बड़ी भूमि के रूप में उभर रहा है। विशाल बाजार, युवा शक्ति और नवाचार की अपार संभावनाओं के बल पर देश विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठन, उद्योग जगत, व्यापारी समुदाय और युवा उद्यमी सामूहिक प्रयासों से इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। समाज आगे बढ़ेगा तो देश भी आगे बढ़ेगा।

बिरला आज माहेश्वरी इंटरनेशनल बिजनेस फाउंडेशन (एमआईबीएफ) की ओर से आयोजित ‘माहेश्वरी और विकसित भारत-2047’ कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस जेके माहेश्वरी, भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के अध्यक्ष संतोष कुमार लोहाटी, एमआईबीएफ के संस्थापक अध्यक्ष प्रशांत माहेश्वरी, दीपक माहेश्वरी, उद्योगपति आनंद राठी, पूर्व सांसद श्याम जाजू सहित तमाम लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष का सम्मान किया गया तथा प्रकाश पांडे द्वारा लिखित कोठारी बंधुओं पर आधारित पुस्तक का लोकार्पण भी किया गया।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि देश के विकास में माहेश्वरी समाज की गौरवशाली विरासत, इतिहास और योगदान महत्वपूर्ण रहा है। समाज ने व्यापार, उद्योग, सेवा और सामाजिक कार्यों के माध्यम से अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। समाज की प्रतिष्ठा से ही व्यक्ति की प्रतिष्ठा बढ़ती है और समाज के संस्कार ही व्यक्ति को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 का लक्ष्य केवल सरकारों के प्रयासों से पूरा नहीं होगा, बल्कि विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं और उद्यमियों के सामूहिक योगदान से इसे साकार किया जा सकेगा। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत लोगों को एक मंच पर लाकर विचार-विमर्श, सहयोग और समन्वय के माध्यम से नई संभावनाओं का निर्माण किया जा सकता है।

बिरला ने कहा कि आज भारत के पास दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक है और यहां व्यापार, उद्योग, स्टार्टअप, सेवा क्षेत्र तथा नवाचार के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं। व्यापार और उद्योग से जुड़े लोग केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य भी करते हैं।

माहेश्वरी समाज के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि समाज ने देश के विभिन्न हिस्सों में कठिन परिस्थितियों में भी व्यापार और सेवा के माध्यम से विश्वास कायम किया है। पूर्वोत्तर सहित देश के दूरदराज क्षेत्रों में समाज के लोगों ने आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए हैं।

लोकसभा अध्यक्ष ने महात्मा गांधी के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में उद्योग जगत की भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के शासनकाल में भी बिरला, टाटा और बजाज जैसे उद्योगपति परिवारों ने देश की आजादी के संघर्ष में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से महत्वपूर्ण योगदान दिया था। भारतीय उद्योग जगत ने हमेशा राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दी है और संकट के समय देश के साथ खड़ा रहा है।

बिरला ने कहा कि यदि आने वाली पीढ़ियों को समाज, संस्कृति और सेवा के मूल्यों से नहीं जोड़ा गया तो गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाना कठिन होगा। उन्होंने शिक्षा, नवाचार और उद्यमिता को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर