उत्तर रेलवे ने रिकॉर्ड माल ढुलाई और यात्री सेवाओं में किया बड़ा सुधार

 


नई दिल्ली, 03 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडे ने वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान ज़ोन की उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। पांडे ने शुक्रवार को बड़ौदा हाउस स्थित प्रधान कार्यालय में पत्रकार वार्ता में विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए बताया कि विगत वर्ष रिकॉर्ड तोड़ माल ढुलाई, बड़े पैमाने पर अवसंरचना विस्तार और यात्री सुरक्षा एवं सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधारों के लिए ऐतिहासिक रहा।

महाप्रबंधक ने बताया कि उत्तर रेलवे ने इस वर्ष 52.26 मिलियन टन की अब तक की सर्वाधिक माल लोडिंग दर्ज की, जबकि 31 मार्च तक 119 रेक लोड करने का एक दिन का रिकॉर्ड भी बनाया गया। कार्गो सर्विस के तहत निर्धारित मार्गों अन्नपूर्णा और निर्यात ने लॉजिस्टिक्स को गति दी, जिससे खाद्यान्न और कंटेनरों के ट्रांजिट समय में कमी आई। कश्मीर घाटी से पहली बार 14,869 टन सेब की रेल द्वारा ढुलाई भी एक उपलब्धि रही।

उन्होंने बताया कि यात्री सेवाओं के क्षेत्र में 35 जोड़ी नई ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया, जिनमें 8 वंदे भारत और 14 अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। त्योहारों और विशेष परिस्थितियों में पांच हजार से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाकर यात्रियों की मांग को पूरा किया गया। साथ ही 28–29 मार्च को नए यमुना ब्रिज का सफल कमीशनिंग भी किया गया।

महाप्रबंधक ने बताया कि सिग्नलिंग और दूरसंचार के क्षेत्र में सभी यात्री यार्डों से मैकेनिकल सिग्नलिंग समाप्त कर दी गई है, जबकि 52 लेवल क्रॉसिंग गेट्स का इंटरलॉकिंग किया गया। सुरक्षा के लिए 38 रूट किलोमीटर पर कवच प्रणाली और 63.9 रूट किलोमीटर पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग लागू की गई। 321 स्टेशनों पर सीसीटीवी और 133 पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाए गए।

वाणिज्य विभाग ने 12,006.73 करोड़ रूपये की आय दर्ज की, जिसमें गैर-किराया राजस्व में 32.65 प्रतिशत की वृद्धि हुई। रेलवन ऐप के जरिए डिजिटल टिकटिंग में तेज वृद्धि देखी गई। निर्माण विभाग ने नई रेल लाइनों, पुलों और स्टेशनों के विकास में महत्वपूर्ण प्रगति की, जबकि इंजीनियरिंग विभाग ने ट्रैक मेंटेनेंस और सुरक्षा कार्यों में रिकॉर्ड उपलब्धियां हासिल कीं।

रेलवे सुरक्षा बल ने विभिन्न अभियानों के तहत 528 अपराधियों को गिरफ्तार किया और करोड़ों रुपये की संपत्ति बरामद की। वहीं, यांत्रिक विभाग ने हाइड्रोजन ट्रेन परीक्षण पूरा कर हरित परिवहन की दिशा में कदम बढ़ाया। विद्युत विभाग ने “मिशन जीरो एसपीएडी” हासिल कर सुरक्षा में नया मानदंड स्थापित किया और लोकोमोटिव में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया।

कार्यक्रम के अंत में महाप्रबंधक ने कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए उत्तर रेलवे को एक आधुनिक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर परिवहन तंत्र बनाने की प्रतिबद्धता पर बल दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी