नितिन नवीन युवा सम्मेलन एवं माता वैष्णो देवी मंदिर की निर्धारित तीर्थयात्रा छोड़ दिल्ली लौटे

 

जम्मू, 07 जुलाई (हि.स.)। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर का अपना दो दिवसीय दौरा बीच में ही छोड़ दी। पार्टी के एक नेता ने बताया कि आधिकारिक प्रतिबद्धताओं के कारण उन्होंने माता वैष्णो देवी मंदिर की निर्धारित तीर्थयात्रा छोड़ दी और दिल्ली लौट गए।

भाजपा अध्यक्ष के रूप में केंद्र शासित प्रदेश के अपने पहले दौरे पर नवीन सोमवार दोपहर जम्मू पहुंचे थे। अपने प्रवास के दौरा उन्होंने आरएसएस मुख्यालय के दौरे सहित कई बैठकों में भाग लिया और पार्टी के त्रिकुटा नगर मुख्यालय में भाजपा के मौजूदा और पूर्व विधायकों की डेढ़ घंटे लंबी संयुक्त बैठक की अध्यक्षता की।

जम्मू-कश्मीर भाजपा विधायक और प्रवक्ता आरएस पठानिया ने मीडिया को बताया कि दौरे के दूसरे दिन उन्हें रियासी जिले के त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में पूजा-अर्चना करनी थी लेकिन कार्यक्रम में बदलाव के कारण इसे रद्द कर दिया गया। भाजपा ने कार्यक्रम में बदलाव का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया। हालांकि पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि संगठनात्मक प्रतिबद्धताओं के चलते नवीन को तुरंत नई दिल्ली लौटना पड़ा जहां वे एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने वाले हैं।

पठानिया ने बताया कि भाजपा अध्यक्ष ने पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधियों और पूर्व विधायकों से मुलाकात की। पठानिया ने कहा कि चर्चा इस बात पर केंद्रित थी कि भाजपा जम्मू-कश्मीर में अपनी उपस्थिति को और मजबूत कैसे कर सकती है, क्षेत्र में राष्ट्रवादी विचारधारा को कैसे सुदृढ़ कर सकती है, पार्टी में जनता का विश्वास कैसे बढ़ा सकती है और जम्मू में सुरक्षा जैसे प्रमुख मुद्दों और अन्य समसामयिक मामलों का समाधान कैसे कर सकती है।

उन्होंने बताया कि नवीन की पहले जिला और शहर के नेताओं, निर्वाचित प्रतिनिधियों और पूर्व विधायकों के साथ अलग-अलग बैठकें होनी थीं। हालांकि कार्यक्रम में बदलाव के कारण सभी बातचीत को एक संयुक्त बैठक में मिला दिया गया। पठानिया ने कहा कि इसके बावजूद यह एक सकारात्मक और सार्थक बातचीत साबित हुई।

भाजपा नेता के अनुसार नवीन की यात्रा संगठनात्मक मामलों पर केंद्रित रही जिसमें पार्टी पदाधिकारियों, निर्वाचित प्रतिनिधियों और जनता के साथ विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से बातचीत शामिल थी। उन्होंने कहा कि यह दौरा भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती समारोह के अवसर पर किया गया। पठानिया ने कहा कि जम्मू और कश्मीर भाजपा की वैचारिक जन्मभूमि है। पार्टी की नींव 'एक प्रधान, एक निशान' आंदोलन में निहित है जिसकी शुरुआत मुखर्जी के बलिदान से हुई थी।

इससे पहले दिन में नवीन ने अम्फल्ला स्थित आरएसएस मुख्यालय केशव भवन का दौरा किया जहां उन्होंने संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मुलाकात की। बाद में उन्होंने डोगरा चौक पर भारतीय जनसंघ के नेता प्रेम नाथ डोगरा को श्रद्धांजलि अर्पित की। फिर त्रिकुटा नगर स्थित भाजपा मुख्यालय में संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करने के लिए रवाना हुए। दिन में बाद में उन्हें एक युवा सम्मेलन को संबोधित करना था लेकिन समय की कमी के कारण कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता