मणिपुर के पहाड़ी जिलों में हिंसा, 24 घंटे में नौ लोगों की मौत
- उपद्रियों ने 14 मकानों में लगाई आग
इंफाल, 10 अक्टूबर (हि.स.)। मणिपुर के पहाड़ी जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 मकानों को आग के हवाले कर दिया गया। ताजा घटनाओं से कुकी और नगा समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया है। स्थिति के विरोध में कुकी संगठन कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (सीओटीयू) ने कांगपोकपी जिले में 24 घंटे के बंद का आह्वान किया है। वहीं, कामजोंग जिले में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में एक कुकी महिला, कामजोंग और कांगपोकपी जिलों में अलग-अलग हमलों में मारे गए नगा ग्राम रक्षक तथा उखरुल जिले में वाहन से यात्रा कर रहे एक नागरिक शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, हिंसा की शुरुआत शुक्रवार रात चस्साद पुलिस थाने के पास हुई, जहां गोलीबारी के दौरान 42 वर्षीय कुकी महिला दोमखोनेई तौथांग की मौत हो गई। वह पांच बच्चों की मां थीं। पुलिस, इंडियन रिजर्व बटालियन और सीमा सुरक्षा बल के जवान इलाके में कथित अवैध बंकरों को हटाने के लिए अभियान चला रहे थे। इसी दौरान अज्ञात हथियारबंद लोगों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद जवानों ने जवाबी कार्रवाई की। गोली लगने से तौथांग की मौके पर ही मौत हो गई।
यह घटना चस्साद गांव के स्वयंसेवकों की कथित मनमानी गिरफ्तारी और हिरासत के विरोध में जारी प्रदर्शन के बीच हुई। इसके बाद आगजनी और गोलीबारी की घटनाएं सामने आईं। दोनों समुदायों के लोगों के कम से कम 14 मकानों को जला दिया गया। उपद्रवियों ने चस्साद पुलिस थाने में भी आग लगाने का प्रयास किया, जिससे प्रवेश द्वार के पास स्थित कुछ लकड़ी की दुकानों को नुकसान पहुंचा।
शनिवार सुबह करीब पांच बजे फिर गोलीबारी शुरू हुई, जो लगभग सात बजे तक जारी रही। इसके बाद कामजोंग जिला प्रशासन ने चस्साद पुलिस थाने के 400 मीटर के दायरे में लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया।
कामजोंग जिले के निंगचौ चिंगडोंग गांव में शनिवार सुबह करीब 9.30 बजे हुए एक अन्य हमले में दो नगा ग्राम रक्षकों नगाचांसो निंगशेन (30) और लेइशिशान हुंग्यो (50) की मौत हो गई। यह गांव चस्साद पुलिस थाने से लगभग 17 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आशंका जताई कि भारत-म्यांमार सीमा के पार सक्रिय हथियारबंद समूह इस हमले में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।
कांगपोकपी जिले में इम्फाल-तामेंगलांग मार्ग पर मकुई और तपोक गांवों के बीच शनिवार सुबह करीब छह बजे घात लगाकर किए गए हमले में एक नगा ग्राम स्वयंसेवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। मृतक की पहचान तामेई उपमंडल के थालोन गांव निवासी मचुंगवांगबो (35) के रूप में हुई है। घायलों की पहचान एल पाब्रम गांव के नाहासन (29) और कादी गांव के मथांगंबो (30) के रूप में हुई है। दोनों को उपचार के लिए सेनापति जिला मुख्यालय ले जाया गया।
पुलिस के अनुसार, चार नगा ग्राम स्वयंसेवक मकुई गांव पर हमले की सूचना मिलने के बाद वहां जा रहे थे। इसी दौरान तपोन गांव से लगभग दो किलोमीटर दूर हथियारबंद लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इससे पहले सुबह करीब पांच बजे मकुई गांव पर हुए हमले में तीन नगा ग्राम रक्षकों की मौत हो गई थी। इनमें से एक का सिर काटे जाने की भी सूचना है। मृतकों की पहचान अजिनपौ रिंगकांगमई, मचुंगम्मामंग और रोबर्ट के रूप में हुई है।
उखरुल जिले में एक अन्य घटना में 30 वर्षीय संदीप राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 5.30 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-202 पर कोंजांग गांव के पास अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने उनकी कार को निशाना बनाया। राय सेनापति जिला मुख्यालय के पास ताफोउ सेनापति नेपाली गांव में रहते थे। पुलिस ने शव बरामद कर मामला दर्ज किया और पोस्टमार्टम के लिए इंफाल स्थित जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के शवगृह में भेज दिया। हत्या के पीछे का कारण और हमलावरों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
इस बीच, कुकी महिला संघ के मुख्यालय ने दावा किया कि 23 वर्षीय माइकल नगाममिनले हाओकिप की भी गोली मारकर हत्या की गई। संगठन ने इस घटना के लिए नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालिम (इसाक-मुइवा) और उसके ईस्टर्न फ्लैंक गुट के सदस्यों को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
लगातार बढ़ती हिंसा के बीच कुकी संगठन कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी ने शनिवार शाम छह बजे से कांगपोकपी जिले में 24 घंटे के पूर्ण बंद की घोषणा की। संगठन ने कामजोंग के चस्साद, उखरुल के याओलेन और कांगपोकपी जिले में आईटी रोड के आसपास कथित तौर पर हुए हमलों का हवाला दिया। संगठन ने इन घटनाओं में एनएससीएन-आईएम से जुड़े तांगखुल और लियांगमई तत्वों की कथित भूमिका का आरोप लगाया।
सीओटीयू ने नागरिकों के खिलाफ हिंसा और धमकी की निंदा करते हुए लोगों से सतर्क रहने, शांति बनाए रखने और स्थिति को और बिगाड़ने वाली गतिविधियों से दूर रहने की अपील की है। पहाड़ी जिलों में लगातार हो रही हत्याओं, गोलीबारी और आगजनी की घटनाओं ने क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका पैदा कर दी है। पुलिस सभी घटनाओं की जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश