पाकिस्तान समर्थित आतंकी साजिश मामले में बारामूला में हिजबुल और लश्कर के मददगार की दो संपत्तियां एनआईए ने कीं कुर्क

 


नई दिल्ली, 17 जून (हि.स.)। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने जम्मू-कश्मीर में अपने आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई की है। एनआईए ने बारामूला में पाकिस्तान समर्थित आतंकी साजिश मामले के एक मुख्य आरोपित की दो संपत्तियों को कुर्क (अटैच) कर दिया है। यह मामला प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन (एचएम) और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़ा हुआ है।

जांच एजेंसी ने बताया कि आरोपित शाहीन अहमद लोन नियंत्रण रेखा (एलओसी) के रास्ते पाकिस्तान से हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों की तस्करी में शामिल था। इन हथियारों और विस्फोटकों की आपूर्ति बाद में कश्मीर घाटी में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए हिजबुल मुजाहिद्दीन और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों को की जाती थी।

एनआईए की जांच में यह भी सामने आया है कि लोन आतंकवादियों को फंड प्राप्त करने और उसे ट्रांसफर करने की गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से शामिल था। आरोपी के खिलाफ जम्मू स्थित एनआईए की विशेष अदालत में मामला चल रहा है। एनआईए ने लोन को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया था और मार्च 2021 में उसके खिलाफ यूए(पी) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दायर किया था।

जम्मू की विशेष एनआईए अदालत के आदेशों के बाद यूए(पी) एक्ट की धारा 33 (1) के तहत यह कार्रवाई की गई है। कुर्क की गई दोनों संपत्तियां जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के कनीसपोरा गांव में स्थित हैं। इनमें 7.5 मरला भूमि पर बना एक आवासीय मकान और 6 मरला भूमि का एक टुकड़ा शामिल है, जिस पर शेड का निर्माण किया गया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर