मोथाबाड़ी कांड में हुई एनआईए की पहली गिरफ्तारी

 


मालदा, 12 अप्रैल (हि.स.)। जिले के मोथाबाड़ी में न्यायाधीशों पर हमले की घटना में एनआईए ने गोलाम रब्बानी नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि यह व्यक्ति पंचायत सदस्य है। एनआईए ने अदालत के निर्देश पर 12 एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी।

एसआईआर में न्यायाधीन मामलों के निपटारे के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर न्यायिक अधिकारियों को जोड़ा गया था। उन्हीं पर मोथाबाड़ी में हमला हुआ। पुलिस द्वारा जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया था, उन्हें एनआईए की हिरासत में लेने के लिए अदालत में पेश करने को कहा गया था। एनआईए की ओर से भी कई लोगों से पूछताछ की जा रही थी। सीसीटीवी फुटेज देखकर कई लोगों की पहचान एनआईए ने की है और उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा था। गोलाम रब्बानी, जो मोथाबाड़ी क्षेत्र का पंचायत सदस्य है और आईएसएफ का सदस्य भी बताया जा रहा है, उसे लंबी पूछताछ के बाद मोथाबाड़ी में ही गिरफ्तार किया गया।

इस व्यक्ति की गिरफ्तारी के दो कारण एनआईए सूत्रों से सामने आए हैं। पहला, एक अप्रैल को मालदा के मोथाबाड़ी में जहां न्यायाधीशों पर हमला हुआ था और उन्हें लंबे समय तक बंधक बनाकर रखा गया था, और बाद में रात में उन्हें बचाने के दौरान भी उन पर पीछा किया गया था तथा रास्ते में पेड़, बांस लगाकर रोकने की कोशिश की गई थी।

इस घटना में शामिल संदिग्धों में यह व्यक्ति भी शामिल बताया जा रहा है। दूसरा, घटना वाले दिन उस इलाके में जो भीड़ इकट्ठा हुई थी, उसमें जो लोग आए थे वे नाम हटने के बाद आए थे या किसी अन्य कारण से आए थे, और उन्हें कौन लेकर आया था—इन सभी बातों की जानकारी के लिए गोलाम रब्बानी से पूछताछ की गई थी। लंबी पूछताछ के बाद उसके बयान में असंगति पाए जाने पर एनआईए ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता