निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने के दबावों की शिकायतों पर राज्यों को एनएचआरसी का नोटिस
नई दिल्ली, 23 अप्रैल (हि.स.)। निजी स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों एवं अभिभावकों पर निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने के दबावों की देशभर से मिल रही शिकायतों के मद्देनजर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है। यह कार्यवाई नमो फाउंडेशन की तरफ से की गई शिकायत के आधार पर की गई है।
आयोग के सदस्य प्रियंक कानूगो ने गुरुवार को बताया कि राज्य सरकारों को राष्ट्रीय स्कूल बैग नीति तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 29 के अनुपालन में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने एससीईआरटी द्वारा प्रकाशित पुस्तकों की संख्या तथा निजी एवं सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात संबंधी आंकड़े भी मांगे गए हैं।
आयोग ने यह पूछा है कि जब सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को एससीईआरटी एवं एनसीईआरटी की पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं तो निजी स्कूलों में शुल्क के आधार पर इसी व्यवस्था को लागू करने में क्या बाधा है।
आयोग के अनुसार, स्कूलों के निजी अथवा सरकारी प्रबंधन के आधार पर पाठ्य-पुस्तकों एवं पाठ्यक्रम में अंतर करना अकादमिक भेदभाव की श्रेणी में आता है। शिक्षा मंत्रालय को भी नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है कि कक्षा 8 तक परीक्षा बोर्डों द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम, नामित अकादमिक प्राधिकरण से भिन्न क्यों है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी