झाबुआ में महिला के साथ अमानवीय व्यवहार पर एनएचआरसी का डीएम-एसपी को नोटिस
नई दिल्ली, 24 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में एक महिला और उसके पति के साथ कथित अमानवीय व्यवहार के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में ग्रामीणों द्वारा महिला के बाल मुंडवाकर उसे और उसके पति को कंधों पर उठाकर घुमाने की घटना सामने आने के बाद आयोग ने इसे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन माना है।
आयोग ने शुक्रवार को झाबुआ के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। एनएचआरसी ने कहा है कि यदि मीडिया रिपोर्ट सही पाई जाती है, तो यह मानव गरिमा और मौलिक अधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला है।
आयोग के अनुसार, 15 अप्रैल 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि 13 अप्रैल 2026 को ग्रामीणों ने एक महिला के बाल मुंडवाकर उसे और उसके पति को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। दोनों को कंधों पर उठाकर पूरे गांव में घुमाया गया। ग्रामीणों का आरोप था कि महिला घर छोड़कर भाग गई थी, जिसके कारण उसे इस तरह की कथित ‘सजा’ दी गई।
यह पूरी घटना सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के माध्यम से सामने आई, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने महिला का पता लगाया और उसे सुरक्षा मुहैया करवाई।
पुलिस ने इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है और कुछ आरोपितों को गिरफ्तार भी किया गया है। हालांकि, आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि केवल प्राथमिकी दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पीड़िता को न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
एनएचआरसी ने अपनी रिपोर्ट में जांच की वर्तमान स्थिति, आरोपितों के खिलाफ की गई कार्रवाई तथा पीड़ित महिला को दिए गए मुआवजे (यदि कोई हो) का पूरा विवरण शामिल करने का निर्देश दिया है।
आयोग ने संकेत दिया है कि रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। -------------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी