एनएचएआई टीओटी, इन्विट मॉडल से राजमार्ग परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण करेगा

 


नई दिल्ली, 28 मई (हि.स.)। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) वित्त वर्ष 2026–27 में राष्ट्रीय राजमार्ग परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण शुल्क‑संचालन‑हस्तांतरण (टीओटी) और बुनियादी ढांचा निवेश न्यास (इन्विट) मॉडल के तहत करेगा। इस सूची में राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (आरआईआईटी) के माध्यम से प्रस्तावित परिसंपत्तियां शामिल नहीं होंगी।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बताया कि यह पहल सरकार की परिसंपत्ति मुद्रीकरण रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य परिचालन राष्ट्रीय राजमार्ग परिसंपत्तियों से पूंजी जुटाना, निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देना और राजमार्ग नेटवर्क का विस्तार व आधुनिकीकरण तेज करना है। इससे निवेशकों और बोलीदाताओं को अपनी योजनाएं कुशलतापूर्वक बनाने में मदद मिलेगी।

मंत्रालय ने बताया कि पहचानी गई परिसंपत्तियों की कुल लंबाई 1692.5 किलोमीटर है, जो नौ राज्यों- हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र में फैली हुई हैं। ये परियोजनाएं आर्थिक और परिवहन गलियारों चलाई जाएंगी, जिनमें यातायात की पर्याप्त क्षमता और मजबूत संपर्क है। एनएचएआई ने 17 परियोजनाओं की सूची अपनी वेबसाइट पर दी है।

मुद्रीकरण प्रक्रिया पारदर्शी और संरचित तंत्र के माध्यम से टीओटी और इन्विट ढांचे के तहत की जाएगी। ये मॉडल दीर्घकालिक संस्थागत निवेश आकर्षित करने में सफल साबित हुए हैं और सतत बुनियादी ढांचा विकास के लिए नवोन्मेषी वित्तीय तंत्र अपनाने के साथ-साथ परिसंपत्ति प्रबंधन और परिचालन उत्कृष्टता सुनिश्चित करते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर