गुजरात के सूरत में देश का पहला ‘बैरियरलेस’ टोल प्लाजा शुरू

 


सूरत, 01 मई (हि.स.)। गुजरात के औद्योगिक शहर सूरत में शुक्रवार को देश का पहला ‘बैरियरलेस’ टोल प्लाजा शुरू हो गया। टोल की नई प्रणाली के लागू होने के बाद अब वाहन चालकों को टोल टैक्स भरने के लिए बैरियर पर लंबी कतारों में खड़े रहने की जरूरत नहीं होगी।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुजरात में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के सूरत-भरूच खंड पर स्थित चोर्यासि टोल प्लाजा पर भारत की पहली मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) बाधा रहित (बैरियर-लेस) टोलिंग प्रणाली के शुभारंभ की घोषणा की।

केन्द्र सरकार की एक विज्ञप्ति के अनुसार मुंबई-दिल्ली राजमार्ग (एनएच-48) पर सूरत और भरूच के बीच स्थित कामरेज के पास चोर्यासि टोल प्लाज़ा पर इस आधुनिक प्रणाली का भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा पिछले दो महीनों से परीक्षण किया जा रहा था जिसकी सफलता के बाद आज इसे पूरी तरह शुरू कर दिया गया है। यह प्रणाली ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) तकनीक पर आधारित है। राजमार्ग पर लगे हाई-रिजोल्यूशन कैमरे गुजरने वाले वाहनों की नंबर प्लेट को स्कैन करेंगे और फास्टैग से जुड़े खाते से टोल राशि स्वतः कट जाएगी। पूरी प्रक्रिया पूरी तरह कॉन्टैक्टलेस और स्वचालित होगी।

इस नई व्यवस्था के तहत वाहन चालक बिना रुके लगभग 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से टोल पार कर सकेंगे। एनएचएआई के अनुसार, इससे देश में हर साल करीब 1500 करोड़ रुपये के ईंधन की बचत होगी और कामरेज एवं चोर्यासि जैसे व्यस्त टोल प्लाजा पर ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आएगी। यदि किसी वाहन में फास्टैग नहीं होगा, तो कैमरे नंबर प्लेट स्कैन कर डिजिटल इनवॉइस तैयार करेंगे और बाद में जुर्माने के साथ टोल वसूला जाएगा। वाहन किसी भी गति से गुजरें, उनका डेटा तुरंत सेंट्रल सर्वर पर पहुंचकर सत्यापित हो जाएगा।

केंद्र सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026 के अंत तक देश के 1050 से अधिक टोल प्लाजा को एआई आधारित ‘मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम’ से लैस करना है, जिससे यात्रा अधिक सुगम और पर्यावरण के लिए भी लाभकारी बनेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे