क्रिकेट स्टेडियमों में भूजल उपयोग पर एनजीटी सख्त, भेजा नोटिस
नई दिल्ली, 23 अप्रैल (हि.स.)।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (प्रधान पीठ) ने राजधानी के क्रिकेट स्टेडियमों में भूजल उपयोग एवं आदेश अनुपालन न करने पर नोटिस जारी करते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को एनजीटी ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव, की अध्यक्षता में डॉ. ए. सेंथिल वेल एवं डॉ. अफरोज अहमद, विशेषज्ञ सदस्य की खंडपीठ ने आज क्रिकेट स्टेडियमों मे भूजल का उपयोग करने के मामले में की सुनवाई की।
पीठ ने वर्ष 2021 में पारित अपने पूर्व आदेश के अनुपालन की समीक्षा करते हुए कहा कि क्रिकेट मैदानों में भूजल के अत्यधिक दोहन को रोकना एवं एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के उपचारित जल तथा वर्षा जल संचयन प्रणाली के उपयोग को सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार देश के कई स्टेडियमों ने न्यायालय के आदेशों का अनुपालन नहीं किया है जिसमें शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, रायपुर
अरुण जेटली स्टेडियम, दिल्ली
सवाई मानसिंह स्टेडियम, जयपुर
डॉ. डी. वाई. पाटिल स्टेडियम, मुंबई
भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी एकाना क्रिकेट स्टेडियम, लखनऊ
राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, हैदराबाद
बाराबती स्टेडियम, कटक
हैदराबाद स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम शामिल है। इन सभी के अधिवक्ता ने तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का आश्वासन दिया है।
अन्य छह स्टेडियमों द्वारा आदेशों का पालन न करने तथा कोई जवाब प्रस्तुत न करने पर न्यायालय ने गंभीर चिंता व्यक्त की। सीजीडब्ल्यूए को निर्देश दिया गया है कि उपरोक्त सभी स्टेडियमों को इस आदेश की सूचना तत्काल दी जाए।
इन स्टेडियमों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है कि वे यह स्पष्ट करें कि आदेशों का पालन न करने के कारण उनकी सभी गतिविधियां क्यों न रोक दी जाएं।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण पर्यावरण संरक्षण का अनिवार्य हिस्सा है और खेल मैदानों में भूजल के स्थान पर उपचारित जल एवं वर्षा जल का उपयोग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
अगली सुनवाई
इस मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी