न्यू टाउन के कंक्रीट प्लांट से प्रदूषण के आरोपों की होगी जांच, एनजीटी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिए निर्देश
कोलकाता, 31 जुलाई (हि.स.)। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने कोलकाता के न्यू टाउन स्थित एक कंक्रीट मिश्रण संयंत्र से प्रदूषण की शिकायत पर पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (डब्ल्यूबीपीसीबी) को जांच के आदेश दिए हैं। अधिकरण ने बोर्ड को संयंत्र का निरीक्षण कर तीन महीने के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
शुक्रवार को एनजीटी की पूर्वी क्षेत्रीय पीठ ने न्यू टाउन स्थित मैग्नोलिया मेरलियन आवासीय परिसर के निवासी हिरण्मय सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि आवासीय परिसर के पास संचालित एफटीसी कंक्रीट प्राइवेट लिमिटेड के संयंत्र से उड़ने वाली सीमेंट की धूल के कारण आसपास रहने वाले करीब 380 परिवार गंभीर प्रदूषण की समस्या से जूझ रहे हैं।
याचिकाकर्ता का दावा है कि सीमेंट की धूल घरों के भीतर तक पहुंच रही है, वातानुकूलन उपकरणों को नुकसान पहुंचा रही है और विशेष रूप से बच्चों तथा बुजुर्गों में श्वसन संबंधी समस्याएं पैदा कर रही है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि धूल के कारण लोगों के लिए घरों की खिड़कियां और दरवाजे खुले रखना मुश्किल हो गया है तथा संयंत्र कथित रूप से प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन नहीं कर रहा है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता उपस्थित नहीं थे। इसके बावजूद न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ईश्वर सिंह की पीठ ने माना कि मामला पर्यावरण और जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है। इसलिए केवल अनुपस्थिति के आधार पर याचिका खारिज करने के बजाय इसे औपचारिक शिकायत मानकर जांच कराना आवश्यक है।
एनजीटी ने पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया है कि वह संयंत्र का स्थलीय निरीक्षण करे, पर्यावरणीय मानकों और वैधानिक स्वीकृतियों के अनुपालन की जांच करे तथा यदि किसी प्रकार का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे। बोर्ड को यह भी निर्देश दिया गया है कि जांच के दौरान शिकायतकर्ता और संयंत्र प्रबंधन, दोनों का पक्ष सुना जाए।
अधिकरण ने आदेश की प्रति प्राप्त होने की तिथि से तीन महीने के भीतर जांच रिपोर्ट कोलकाता स्थित एनजीटी के रजिस्ट्रार के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर