नीट-यूजी पुनर्परीक्षा का शेड्यूल 7-10 दिनों में जारी होगा: एनटीए डीजी
नई दिल्ली, 12 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंगलवार को कहा कि रद्द की गई राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2026 परीक्षा की पुनर्परीक्षा का पूरा शेड्यूल अगले सात से 10 दिनों के भीतर जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एजेंसी अकादमिक कैलेंडर और मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया प्रभावित न हो, इसके लिए जल्द से जल्द परीक्षा कराने की तैयारी कर रही है।
अभिषेक सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हम अपनी टीम के साथ परीक्षा की नई तारीख पर चर्चा कर रहे हैं। अगले सात से 10 दिनों में पूरा शेड्यूल बता देंगे। हमारा प्रयास रहेगा कि मेडिकल एडमिशन के अकादमिक कैलेंडर पर असर न पड़े।”
उन्होंने कहा कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द करने का फैसला कथित पेपर लीक और प्रश्नपत्र से मेल खाते कुछ सवालों की जानकारी मिलने के बाद लिया गया। सिंह के अनुसार, सात मई की रात एक व्हिसलब्लोअर के जरिए व्हाट्सऐप पर प्रसारित एक पीडीएफ की जानकारी मिली, जिसमें कुछ सवाल परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से मेल खा रहे थे।
उन्होंने कहा, “मैं यह नहीं कहूंगा कि पूरा पेपर लीक हुआ था, लेकिन अगर एक भी प्रश्न हमारे मूल प्रश्नपत्र से मेल खाता है तो हमारी ‘जीरो टॉलरेंस’ और ‘जीरो एरर’ नीति का उल्लंघन होता है। इसी आधार पर हमने परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया।”
सिंह ने कहा कि मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई है और एजेंसी ने निष्पक्ष जांच का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि जांच में यह सामने आएगा कि कथित गड़बड़ी कहां से शुरू हुई, कितने लोग और कितने राज्य इसमें शामिल थे।
उन्होंने कहा, “चाहे कोई अंदर का हो या बाहर का, जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। हमने सीबीआई से कहा है कि दोषियों को गिरफ्तार कर सजा दिलाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।”
एनटीए महानिदेशक ने यह भी स्पष्ट किया कि पुनर्परीक्षा के लिए छात्रों को दोबारा पंजीकरण नहीं करना होगा। मौजूदा आवेदन, परीक्षा केंद्र और अभ्यर्थियों का डेटा मान्य रहेगा। उन्होंने कहा कि छात्रों से पुनर्परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और पहले ली गई परीक्षा फीस भी वापस की जाएगी।
सिंह ने कहा कि एजेंसी 22 लाख से अधिक छात्रों और उनके परिवारों की चिंता को समझती है तथा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दोबारा परीक्षा कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार