झारखंड में नाबालिग के साथ हुई घटना पर महिला आयोग सख्त, गठित की जांच समिति
नई दिल्ली, 01 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रीय महिला आयोग ने झारखंड के हजारीबाग जिले में 12 वर्षीय बालिका के साथ हुए अत्यंत जघन्य अपराध के संबंध में प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
बालिका का शव 25 मार्च को संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया, जिसमें अत्यधिक क्रूरता के संकेत सामने आए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जो मामले की विस्तृत जांच करेगी। यह समिति 2 अप्रैल को घटनास्थल का दौरा कर तथ्यों का संकलन करेगी तथा संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर घटना के कारणों, परिस्थितियों और अब तक की गई कार्रवाई का आकलन करेगी।
समिति में ममता कुमारी (पूर्व सदस्य, राष्ट्रीय महिला आयोग), मनमोहन वर्मा (विधि अधिकारी, राष्ट्रीय महिला आयोग) एवं कंचन खट्टर (वरिष्ठ समन्वयक, राष्ट्रीय महिला आयोग) शामिल हैं।
रहाटकर ने राज्य प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मामले में त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे दोषियों के विरुद्ध कठोरतम दंडात्मक कदम उठाए जा सकें। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और निवारक उपाय आवश्यक हैं।
रहाटकर ने एक बयान में कहा कि इस प्रकार के जघन्य अपराध किसी भी सभ्य समाज के लिए अस्वीकार्य हैं और पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए।
जांच समिति अपनी रिपोर्ट 10 कार्य दिवसों के भीतर आयोग को प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी