एनसीवीईटी की बैठक में शोध प्राथमिकताओं को तय करने और राज्यों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
नई दिल्ली, 20 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) की अनुसंधान सलाहकार समिति (आरएसी) की बैठक में संस्थागत सहयोग को मजबूत करने, विभिन्न संगठनों के शोध प्रयासों को समेकित करने, नियामक प्रभावशीलता बढ़ाने, कौशल अंतराल विश्लेषण, उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने और युवाओं के दृष्टिकोण को शामिल करने जैसे मुद्दों निर्णय लिए गए। साथ ही पत्रिकाओं, सम्मेलनों और व्याख्यान श्रृंखला के माध्यम से ज्ञान साझा करने की दिशा में भी कदम उठाने का निर्णय लिया गया।
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के एनसीवीईटी की बैठक की अध्यक्षता मंत्रालय की सचिव एवं एनसीवीईटी की अध्यक्ष देबाश्री मुखर्जी ने की। इसमें नीति आयोग, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, प्रशिक्षण महानिदेशालय, भारतीय उद्योग परिसंघ, आईआईएम कोलकाता, एनसीएईआर, टीआईएसएस, अशोका विश्वविद्यालय, एनआईईपीए और अन्य संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लिया।
एनसीवीईटी में प्रस्तावित अनुसंधान प्रभाग को राष्ट्रीय ज्ञान और शोध केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यह नीति निर्माण, नियामक सुधार, गुणवत्ता आश्वासन, श्रम बाजार विश्लेषण और मूल्यांकन प्रणाली को विश्वसनीय और डेटा आधारित शोध से समर्थन देगा।
देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि भारत को वैश्विक कौशल राजधानी बनाने की दिशा में शोध और डेटा आधारित अंतर्दृष्टि अहम भूमिका निभाएंगे। एनसीवीईटी का अनुसंधान प्रभाग नवाचार, गुणवत्ता आश्वासन और दीर्घकालिक रणनीतिक योजना को समर्थन देने वाला महत्वपूर्ण संस्थागत तंत्र होगा।
एनसीवीईटी के कार्यकारी सदस्य प्रो. अशोक कुमार गाबा ने कहा कि अनुसंधान सलाहकार समिति की स्थापना भारत के कौशल तंत्र के लिए मजबूत साक्ष्य आधार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एक समर्पित शोध ढांचा नीति निर्माण को सूचित करेगा, नियामक तंत्र को मजबूत करेगा और वैश्विक मानकों पर आधारित व्यावसायिक शिक्षा प्रणाली बनाने में योगदान देगा।
जनवरी में हुई एनसीवीईटी परिषद की 12वीं बैठक में अनुसंधान प्रभाग की स्थापना को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई थी, जिसे बाद में एनसीवीईटी की महासभा ने अनुमोदित किया। अनुसंधान सलाहकार समिति इस प्रभाग को शोध प्राथमिकताओं को परिभाषित करने, सहयोग को मजबूत करने और राष्ट्रीय एवं वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप दिशा देने में मार्गदर्शन करेगी।
यह पहल एनसीवीईटी की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है जिसके तहत भारत के व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण तंत्र की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और उत्तरदायित्व को संस्थागत शोध और साक्ष्य आधारित शासन के माध्यम से मजबूत किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर