एनसीपीआई ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा पत्र, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'भारत रत्न' देने की मांग

 




कोलकाता, 30 सितंबर (हि.स.)।

नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित करने का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री को लिखे इस पत्र में एनसीपीआई के अध्यक्ष ज्योतिप्रकाश चटर्जी ने हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान ज्ञानेश कुमार के कुशल नेतृत्व, शांतिपूर्ण मतदान, मतदाता सूची के सफल संशोधन और रिकॉर्ड मतदान प्रतिशत का विशेष रूप से उल्लेख किया है। पत्र में कहा गया है कि भारतीय लोकतंत्र की ताकत में गहरी आस्था रखने वाले एक नागरिक के रूप में वे चुनाव प्रक्रिया में उत्कृष्ट सेवा के लिए सीईसी ज्ञानेश कुमार के नाम की सिफारिश करने का सम्मानपूर्वक अनुरोध करते हैं।

एनसीपीआई ने चुनाव आयोग के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सीईसी ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में लोकतंत्र को मजबूत करने और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। पत्र में पश्चिम बंगाल का विशेष जिक्र करते हुए लिखा गया है कि इस राज्य का चुनावी इतिहास लंबे समय से हिंसा, डराने-धमकाने और धांधली के आरोपों से भरा रहा है। हालांकि, ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में हालिया राज्य विधानसभा चुनाव इस तरह से संपन्न कराए गए, जिसे व्यापक रूप से आतंक, धांधली और रक्तपात से मुक्त माना गया है। पार्टी ने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि ऐसे हिंसक अतीत वाले राज्य में मतदाताओं का विश्वास फिर से बहाल करना एक दुर्लभ और बेहद कठिन उपलब्धि है।

स्वच्छ चुनाव के लिए पारदर्शी मतदाता सूची की आवश्यकता पर बल देते हुए एनसीपीआई ने विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) अभियान का भी प्रमुखता से उल्लेख किया है। पत्र में बताया गया है कि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की बारीकी से जांच करने और अवैध विदेशी नागरिकों सहित सभी अयोग्य नामों को हटाने के लिए एक विस्तृत एसआईआर अभियान चलाया। इस कदम से यह सुनिश्चित हुआ कि केवल वास्तविक भारतीय नागरिक ही अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। पार्टी के अनुसार, इस प्रक्रिया ने यह सिद्धांत सुरक्षित किया है कि वोट देने का अधिकार केवल देश के नागरिकों का है, जिससे हर डाले गए वोट की गरिमा और सत्यनिष्ठा मजबूत हुई है।

भारतीय लोकतंत्र की 'स्वतंत्र और निष्पक्ष' भावना की रक्षा करने के लिए चुनाव आयोग की प्रशंसा करते हुए एनसीपीआई अध्यक्ष ने लिखा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव ही जनता के शासन के संवैधानिक वादे की असली नींव हैं। ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता, तटस्थता और अनुशासन को कायम रखकर एक अरब से अधिक नागरिकों के विश्वास को और सुदृढ़ किया है। पत्र के अंत में प्रधानमंत्री से यह विनम्र आग्रह किया गया है कि वे इस प्रस्ताव पर विचार करें और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 'भारत रत्न' के लिए ज्ञानेश कुमार के नाम की सिफारिश करें। एनसीपीआई का मानना है कि उन्हें सम्मानित करने से देश भर के चुनाव अधिकारियों को यह सकारात्मक संदेश मिलेगा कि राष्ट्र द्वारा निष्पक्षता और सत्यनिष्ठा के प्रति उनके समर्पण को सर्वोच्च महत्व दिया जाता है।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर