ड्रग्स क्वीन नाव्या मलिक केस में ईडी करेगी मनी ट्रेल और नेटवर्क की जांच
रायपुर, 23 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के रायपुर के बहुचर्चित नाव्या मलिक ड्रग्स केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आधिकारिक तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। इस ड्रग्स सिंडिकेट के जरिए 850 से अधिक अमीर और प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, जिनकी भूमिका की जांच ईडी करेगी।
प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जांच शुरू करने की आधिकारिक जानकारी स्वयं ईडी के सूत्रों और छत्तीसगढ़ पुलिस प्रशासन के माध्यम से मंगलवार को सार्वजानिक की गई। ईडी ने विधिवत रूप से मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू करते हुए रायपुर पुलिस से आधिकारिक चार्जशीट, केस डायरी और अब तक की पूरी जांच से जुड़े दस्तावेज मांग लिए हैं। ईडी का मुख्य फोकस इस अवैध ड्रग्स नेटवर्क से होने वाली काली कमाई (ब्लैक मनी), मनी ट्रेल और वित्तीय लेनदेन की परतों को खोलना है।
पुलिस पहले ही अदालत में इस मामले में चार्जशीट पेश कर चुकी है। मामले का ट्रायल जारी है। नाव्या मलिक पर रायपुर के हाईप्रोफाइल सर्किलों और पार्टियों में एम डीएमए जैसे महंगे ड्रग्स सप्लाई करने का आरोप है। जांच एजेंसी इस बात का पता लगा रही है कि ड्रग्स के अवैध कारोबार से कमाए गए करोड़ों रुपयों को किस तरह वैध (व्हाइट मनी) दिखाने की कोशिश की गई और यह पैसा किन माध्यमों से खपाया गया।
उल्लेखनीय है कि यह हाईप्रोफाइल ड्रग्स कांड 23 अगस्त 2025 में सामने आया था। जब रायपुर पुलिस ने हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया को एमडीएमए ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने मुंबई से इंटीरियर डिजाइनर नाव्या मलिक को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि ड्रग्स के काले कारोबार से कमाए गए पैसे कहां और किस तरह ठिकाने लगाए गए। साथ ही उन लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है, जो इस गैंग से सीधे या परोक्ष रूप से जुड़े रहे हैं।
नाव्या मूल रूप से रायपुर के कटोरा तालाब क्षेत्र की रहने वाली है। जांच में सामने आया कि वह कथित तौर पर शहर की कई हाईप्रोफाइल पार्टियों और निजी आयोजनों में ड्रग्स की सप्लाई करती थी। आरोप है कि वह खुद भी ऐसे आयोजनों में पहुंचकर ड्रग्स मुहैया कराती थी। उसकी गिरफ्तारी के बाद जब्त किए गए तीन मोबाइल से कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई थीं। जांच में खुलासा हुआ था कि नाव्या का संपर्क करीब 850 प्रभावशाली लोगों से था।
इनमें नेताओं, कारोबारियों, होटल संचालकों, क्लब प्रबंधन से जुड़े लोगों और शहर के कई रसूखदार परिवारों के सदस्य शामिल बताए गए थे। जांच के दौरान एक विधायक के रिश्तेदार, होटल कारोबारी, ऑटोमोबाइल कारोबारी और इंटीरियर डिजाइनिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों के नाम भी सामने आए थे।
कई नाइट क्लबों के मैनेजर और बाउंसर भी इस नेटवर्क का हिस्सा पाए गए थे। इसके अलावा नाव्या के विदेश दौरों और उसके साथ यात्रा करने वाले कुछ रईसजादों की जानकारी भी जांच एजेंसियों को मिली थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा