केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने ‘नवाचार मंत्र’ पहल शुरू की, ग्रामीण और छोटे शहरों के उद्यमियों को मिलेगा सहयोग
नई दिल्ली, 03 जून (हि.स.)। केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने उद्देश्य टियर‑2, टियर‑3 शहरों और ग्रामीण इलाकों से आने वाले नवाचारों और उद्यमियों को सहयोग देने के लिए बुधवार को आईआईटी दिल्ली में ‘नवाचार मंत्र’ राष्ट्रीय पहल का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया को केवल भारत में बने उत्पाद ही नहीं बल्कि भारत में कल्पित तकनीकों का भी उपयोग करना चाहिए, यही नवाचार मंत्र की सच्ची भावना है।
केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने बताया कि इस पहल को राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (एनआईईएसबड) लागू करेगा और फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (एफआईटीटी), आईआईटी दिल्ली तकनीकी ज्ञान भागीदार होगा। कार्यक्रम में नीति‑निर्माताओं, स्टार्टअप इकोसिस्टम नेताओं, शिक्षाविदों, निवेशकों और युवा उद्यमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में स्कैनएक्स्ट साइंटिफिक टेक्नोलॉजीज के संस्थापक राजत वर्धन ने संचालन किया। ड्रूम के संस्थापक संदीप अग्रवाल, मोबीक्विक के संस्थापक बिपिन प्रीत सिंह, फ्रूवेटेक के संस्थापक डॉ. जगदीस गुप्ता कपुगंती और ईजियोफाई सॉल्यूशंस की संस्थापक मीनल गुप्ता भी शामिल हुए।
जयंत चौधरी ने कहा कि चाहे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा, जैव प्रौद्योगिकी, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर या एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग हो, वैश्विक परिवर्तन की अगली लहर पर भारत की बौद्धिक छाप होनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ऐसे विचार और करियर चुनें जो उन्हें प्रेरित करें और जिनसे उन्हें संतोष मिले।
मंत्रालय ने बताया कि ‘नवाचार मंत्र’ का उद्देश्य देशभर के नवप्रवर्तकों और शुरुआती चरण के उद्यमियों को पहचानना, पोषित करना और उन्हें आगे बढ़ाना है। यह पहल कृषि‑तकनीक, स्वास्थ्य‑तकनीक, शिक्षा‑तकनीक, कौशल, जलवायु और स्थिरता, ग्रामीण वाणिज्य और एमएसएमई सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले नवाचारकर्ताओं को सहयोग देगी।
मंत्रालय ने कहा कि इसके आवेदन कीअंतिम तिथि 5 जुलाई है। चयनित नवाचारकर्ताओं को एक वर्ष तक चलने वाले कार्यक्रम में मार्गदर्शन, निवेशकों से संवाद, नवाचार प्रदर्शन और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के अवसर मिलेंगे।
कार्यक्रम में डीजीटी के महानिदेशक दिलीप कुमार, एमएसडीई की संयुक्त सचिव हेना उस्मान, आर्थिक सलाहकार अर्चना मायाराम, आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी, एनआईईएसबड की महानिदेशक डॉ. पूनम सिन्हा और एफआईटीटी‑आईआईटी दिल्ली के एमडी डॉ. निखिल अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर