दिल्ली से राष्ट्रव्यापी गौ सेवा अभियान की योजना, 27 अप्रैल को ‘गो सम्मान दिवस’
नई दिल्ली, 30 मार्च (हि.स.)। राजधानी दिल्ली में सोमवार को गौ सेवा और संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की गई।
संतों और सामाजिक प्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित पत्रकार वार्ता में राष्ट्रव्यापी “गौ सम्मान आह्वान अभियान” की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।
इस दौरान पूज्य गोपेश कृष्ण दास महाराज, अच्युतानंद महाराज, रविन्द्रानंद सरस्वती, भजन सम्राट प्रकाश महाराज सहित कई संतों ने भाग लिया। वक्ताओं ने बताया कि 29 मार्च को दिल्ली के मंगोलपुरी में आयोजित केंद्रीय बैठक में देशभर के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से इस अभियान की योजना बनाई।
संतों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान पूरी तरह अहिंसक और गैर-राजनीतिक होगा तथा किसी भी दल या संगठन के बैनर तले नहीं चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य गौ संरक्षण के लिए सख्त केंद्रीय कानून बनवाना, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कराना और गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना है।
इसके साथ ही गौशालाओं को बेहतर सुविधाएं देने, गोतस्करी पर कड़ी सजा सुनिश्चित करने और पंचगव्य आधारित शोध व चिकित्सा को बढ़ावा देने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई।
कार्ययोजना के प्रमुख बिंदु है कि 27 अप्रैल को देशभर में ‘गो सम्मान दिवस’ मनाया जाएगा
तहसील और तालुका स्तर पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्य सरकारों के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे
मांगें पूरी न होने पर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन आगे बढ़ाया जाएगा
संतों ने आगे बताया कि 27 फरवरी 2027 से देशभर के संत और गोभक्त दिल्ली में एकत्र होकर छह महीने तक शांतिपूर्ण संकीर्तन करेंगे, जो 15 अगस्त 2027 तक चलेगा।
आयोजकों के अनुसार अभियान का उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना है और इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संकीर्तन, प्रार्थना और जनजागरण के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी