ईरान प्रकरण : कट्टरता के महिमामंडन पर आचार्य मिथिलेशनन्दिनी का प्रहार, राष्ट्रीय चेतना को बताया सर्वोपरि

 


- आचार्य बोले, नायकत्व का मापदंड मानव सुरक्षा होना चाहिए

- युद्ध, कट्टरता और नायकत्व पर उठी आवाज, संत समाज की नसीहत

लखनऊ, 02 मार्च (हि.स.)। हनुमंत पीठ अयोध्या के महंत एवं श्रीराम और शिव तत्व के विद्वान आचार्य मिथिलेश नन्दिनी शरण ने ईरान के सुप्रीम लीडर खमेनेई के निधन से जुड़े घटनाक्रम और भारत में हो रही प्रतिक्रियाओं पर गंभीर टिप्पणी की है। सोमवार को उन्होंने फेसबुक एकाउंट पर लिखा है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक व सामरिक टकराव के बीच इस प्रकार की घटना की आशंका पहले से व्यक्त की जा रही थी।

आचार्य मिथिलेश नन्दिनी शरण ने अपनी पोस्ट में कहा कि ईरान के नेता के निधन के बाद भारत के विभिन्न शहरों में शोक सभाओं और प्रदर्शनों का आयोजन चिंतन का विषय है। उनके अनुसार यह स्थिति वैचारिक विरोधाभास को दर्शाती है, जहां एक ओर धार्मिक कट्टरता का विरोध किया जाता है, वहीं दूसरी ओर उसी विचारधारा से जुड़े नेतृत्व का महिमामंडन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र या समाज के लिए दमन, बलप्रयोग और कट्टरता को नायकत्व के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं माना जा सकता। आचार्य ने कहा कि सच्चा नेतृत्व वह होता है जो अपने नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और स्थिर भविष्य सुनिश्चित करे, न कि उन्हें संघर्ष और अस्थिरता की ओर धकेले।

महंत ने यह भी कहा कि धर्म का मूल उद्देश्य व्यक्ति के चरित्र का परिष्कार और मानवता का उत्थान है। धार्मिक आस्था का सम्मान आवश्यक है, किंतु धार्मिक दुराग्रह के आधार पर राजनीतिक ध्रुवीकरण या वैश्विक तनाव को बढ़ावा देना मानव समाज के हित में नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि आधुनिक वैश्विक व्यवस्था में युद्धोन्माद के बजाय संवाद, संतुलन और शांति की नीति ही स्थायी समाधान दे सकती है। किसी भी नेता का मूल्यांकन उसके संघर्ष से अधिक इस आधार पर होना चाहिए कि उसने अपने लोगों को सुरक्षित और स्थिर भविष्य देने के लिए कौन सा मार्ग चुना।

आचार्य मिथिलेश नन्दिनी शरण ने अंत में कहा कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक परंपरा विश्व के लिए उदाहरण हैं। ऐसे में देशवासियों को अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते समय राष्ट्रीय हित, सामाजिक सौहार्द और यथार्थपरक दृष्टिकोण को प्राथमिकता देनी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ .राजेश