तुर्किये से भारत डिपोर्ट कराया गया ड्रग तस्कर नवप्रीत, गृहमंत्री ने कहा-2029 से पहले ड्रग कार्टेल खत्म करने को प्रतिबद्ध

 


नई दिल्ली, 03 अक्टूबर (हि.स.)। सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ जारी अंतरराष्ट्रीय अभियान में बड़ी सफलता मिली है। कुख्यात तस्कर नवप्रीत सिंह को तुर्किये से भारत डिपोर्ट कराया गया है। जिसके बाद उसे मादक पदार्थ तस्करी और अन्य आपराधिक मामलों में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। नवप्रीत ने फर्जी पहचान बनाकर तुर्किये की नागरिकता हासिल की थी।

गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा, मोदी सरकार ने तुर्की से कुख्यात ड्रग तस्कर नवप्रीत सिंह को डिपोर्ट करवाकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। नवाब विर्क के फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर तुर्की की नागरिकता लेने के बाद भी वह अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी करता रहा। हमारी एजेंसियों ने उसका पता लगाया, उसकी असली पहचान का खुलासा किया और उसे डिपोर्ट करवाया। आज उसे भारत वापस लाया गया है और ड्रग तस्करी व अन्य अपराधों के मामलों में जेल भेज दिया गया है। इस सफलता के लिए सभी एजेंसियों को बधाई। मोदी सरकार दिसंबर 2029 से पहले हर ड्रग-कार्टेल को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने भगोड़ों को वापस लाने के लिए समन्वित अभियान शुरू किया है। इसके तहत साल 2019 से अगस्त 2026 तक 36 देशों से कुल 288 भगोड़ों को भारत वापस लाया गया है। मोदी सरकार की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) के सख्ती से लागू करने के बाद वर्ष 2019 से 2026 तक 18,762 करोड़ रुपये की सफल वापसी की गई। साथ ही, भगौड़ों की कुल 17,874 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई। इसमें देश छोड़कर भागे आर्थिक अपराधियों का पैसा शामिल है। पिछले 3 वर्षों में 401 भगोड़े अपराधियों के विरुद्ध रेड कार्नर नोटिस जारी हुए हैं। जुलाई 2026 तक कुल 182 'रेड कार्नर' नोटिस जारी हुए हैं।

जनवरी 2025 में गृह मंत्री ने भारतपोल की शुरूआत की। इसका उद्देश्य भारत तथा वैश्विक एजेंसियों के बीच समन्वय, संपर्क और संवाद बढ़ाना है। इसके तहत, राज्य और केन्द्रीय एजेंसियों के 1,400 से अधिक यूनिट कार्यालय पोर्टल से जुड़कर सूचना का निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित कर रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी