महाराष्ट्र में मुकुटबन-गडचांदुर नई रेल लाइन को मंजूरी,493 करोड़ रुपये होंगे खर्च

 


नई दिल्ली, 18 सितंबर (हि.स.)। भारतीय रेल ने महाराष्ट्र में मुकुटबन (आदिलाबाद) और गडचांदुर के बीच 38.21 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाने की परियोजना को शुक्रवार को मंजूरी दे दी। 493 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से क्षेत्र में रेल संपर्क मजबूत होने के साथ औद्योगिक एवं खनन क्षेत्रों से माल ढुलाई को गति मिलने की उम्मीद है।

रेल मंत्रालय के अनुसार, मुकुटबन और गडचांदुर क्षेत्र सीमेंट उद्योग, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की कोयला खदानों और चूना पत्थर खदानों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र हैं। नई रेल लाइन से इन औद्योगिक एवं खनन क्षेत्रों की रेल संपर्क व्यवस्था बेहतर होगी और माल परिवहन अधिक सुगम हो सकेगा।

मंत्रालय ने बताया कि नई लाइन मौजूदा मार्ग की तुलना में छोटा और अधिक प्रभावी रेल मार्ग उपलब्ध कराएगी। इससे परिवहन दूरी, समय और लागत में कमी आएगी। साथ ही यह वर्धा-माणिकगढ़ रेलखंड के लिए वैकल्पिक मार्ग के रूप में काम करेगी, जिससे इस मार्ग पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के अनुसार, रेल लाइन शुरू होने के बाद सालाना 6.08 मिलियन टन माल ढुलाई की क्षमता विकसित होगी। इसके अलावा दोनों दिशाओं में प्रतिदिन दो-दो मेमू ट्रेनें चलाने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

नई रेल लाइन से कोयला, कोक, सीमेंट, स्पंज आयरन, धातु स्क्रैप, इस्पात, उर्वरक और खाद्यान्न जैसी वस्तुओं की ढुलाई को बढ़ावा मिलेगा। यह लाइन कोयला एवं सीमेंट क्लस्टर को मजरी-नांदेड़ रेल मार्ग से सीधे जोड़ेगी, जिससे जालना, परभणी, छत्रपति संभाजीनगर तथा महाराष्ट्र और कर्नाटक के अन्य क्षेत्रों तक माल परिवहन आसान होगा।

मंत्रालय के अनुसार, परियोजना से बल्हारशाह-नागपुर उच्च घनत्व रेल मार्ग पर निर्भरता कम होगी। साथ ही यवतमाल और चंद्रपुर के अपेक्षाकृत कम जुड़े क्षेत्रों को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों और आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।-----------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर