मप्र में चक्रवात अर्नब के प्रभाव से सुहावना हुआ मौसम, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में प्रबंधन सतर्क
- वन्यप्राणियों की सुरक्षा, वृक्षों के गिरने और निचले क्षेत्रों में जलभराव की निगरानी के निर्देश
भोपाल, 29 अक्टूबर (हि.स.)। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात अर्नब के प्रभाव से मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व सहित उमरिया एवं शहडोल जिले में मौसम सुहावना बना हुआ है। क्षेत्र में हल्की से मध्यम असामयिक वर्षा के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल रही हैं। मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन सतर्कता बरत रहा है, साथ ही प्रत्येक परिस्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
जनसंपर्क अधिकारी के.के. जोशी ने गुरुवार को बताया कि चक्रवात अर्नब ने 28 अक्टूबर की रात्रि लगभग एक बजे आंध्र प्रदेश के बापटला से विशाखापत्तनम के बीच नरसापुर एवं यनम के निकट समुद्र तट पर प्रवेश किया। इस दौरान हवाओं की गति 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक रही। तटीय क्षेत्रों में प्रभाव डालने के बाद चक्रवात के अवशेष के रूप में नम हवाएं मध्य भारत की ओर बढ़ी हैं, जिसके प्रभाव से पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसम में बदलाव देखा जा रहा है।
भारतीय मौसम विभाग द्वारा पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन के अनुसार, अब तक वन्यप्राणियों की हानि, वृक्ष गिरने अथवा मार्ग अवरुद्ध होने की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। वर्तमान में स्थिति सामान्य एवं नियंत्रण में है।
उन्होंने बताया कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला, मगधी, खितौली सहित कोर एवं बफर क्षेत्र के सभी पर्यटन जोन सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं। मौसम के कारण किसी भी पर्यटन गेट को बंद नहीं किया गया है। पर्यटकों की सुरक्षा और वन्यप्राणियों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन द्वारा आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है।
टाइगर रिजर्व के सभी मैदानी अमले को सतर्क रहने, नियमित गश्ती जारी रखने तथा निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। चक्रवात से उत्पन्न परिस्थितियों की समीक्षा के लिए क्षेत्र संचालक एवं अन्य अधिकारियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों का दौरा भी किया गया।
पर्यटन वाहनों को हुड लगाने के निर्देश
जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि आगामी दिनों में वर्षा बढ़ने की संभावना को देखते हुए सभी पर्यटन वाहनों को हुड अथवा कवर का उपयोग करने के लिए सूचित किया गया है, ताकि वर्षा के दौरान पर्यटकों को असुविधा न हो। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन मौसम की परिस्थितियों पर लगातार नजर रखे हुए है तथा वन्यप्राणियों की सुरक्षा, पर्यटन गतिविधियों के सुचारु संचालन और मैदानी व्यवस्था को लेकर सतर्क है। क्षेत्र संचालक, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व द्वारा सभी संबंधित अमले को आवश्यक सावधानियां बरतने और परिस्थितियों के अनुरूप तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत