मप्र में दी जाएगी वीर भारत फैलोशिप, बैतूल में बनेगा आरण्यक युगयुगीन जनजातीय संग्रहालय
- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीर भारत न्यास कार्यसमिति की बैठक में प्रस्ताव का किया अनुमोदन
भोपाल, 02 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्राचीनतम से आधुनिक इतिहास के मुख्य आयामों और भारत का राष्ट्र स्वरूप स्थापित करने में अपना योगदान देने वाले चिंतकों, कलाकारों, वैज्ञानिकों से जुड़ी गतिविधियों और देश-प्रदेश की संस्कृति पर कार्य के लिए 'वीर भारत' फैलोशिप प्रदान की जाएगी। वहीं, बैतूल में केन्द्र सरकार के सहयोग से आरण्यक युगयुगीन जनजातीय संग्रहालय स्थापित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मंत्रालय में वीर भारत न्यास की कार्यकारी समिति की बैठक में इस आश्रय के प्रस्ताव को अनुमोदित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिवर्ष दो फैलोशिप प्रदान की जाएंगी, जिसमें 12 लाख रुपये की राशि प्रति अध्येता होगी। यह फैलोशिप एक वर्ष की अवधि के लिए दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बैतूल में स्थापित होने वाले आरण्यक युगयुगीन जनजातीय संग्रहालय में जनजातीय इतिहास गैलरी, जनजातीय स्वाधीनता आंदोलन, जनजातीय शोध केन्द्र और डिजीटल रिपॉजिटरी स्थापित होंगी।
बैठक में भारतीय इतिहास, संस्कृति और वैभवपूर्ण विरासत को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से उज्जैन कोठी महल में स्थापित हो रहे वीर भारत संग्रहालय के निर्माण को भी स्वीकृति दी गई। मंत्रालय में हुई इस बैठक में संस्कृति राज्य मंत्री धमेन्द्र भावसिंह लोधी वर्चुअली शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल युद्धों और योद्धाओं की कथा मात्र नहीं अपितु भारत की आंतरिक शक्ति, उसके सोचने-एकजुट होने-प्रश्न करने, रक्षा और त्याग करने तथा सृजन के सामर्थ्य से विश्व को अवगत कराना आवश्यक है। उज्जैन में स्थापित होने वाला वीर भारत संग्राहलय इस केन्द्रीय भाव को प्रतिपादित करेगा कि भारत के इतिहास में वीरता का अर्थ कभी केवल युद्ध के साहस तक सीमित नहीं रहा। संग्रहालय, योद्धा के साथ-साथ ऋषि, शिक्षक, गणितज्ञ, समाज सुधारक, विधि निर्माता और तीर्थ यात्रियों को भी प्रदर्शित करेगा। भारत के गौरवशाली और पराक्रमी अतीत से जनसामान्य का परिचय कराना वीर भारत न्यास का उद्देश्य है।
वर्ष 2024 से जारी हैं वीर भारत न्यास की सृजनात्मक गतिविधियां
बैठक में बताया गया कि न्यास द्वारा वर्ष 2024 से निरंतर सांस्कृतिक, सामाजिक, साहित्य, आध्यात्मिक और राष्ट्रीय चेतना से संबंधित गतिविधियां आयोजित की गई। भोपाल में सदानीरा समागम, महाभारत समागम तथा उज्जैन में श्री महाकालेश्वर महोत्सव आयोजित किए गए। बैठक में न्यास द्वारा संचालित फिल्म समारोह, सांगीतिक प्रस्तुतियों और सोशल मीडिया संबंधित गतिविधियों की जानकारी भी दी गई।
बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, मनीष रस्तोगी, शिवशेखर शुक्ला तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर