गुजराती गायिका किंजल और अभिनेत्री मोनल ने किए बाबा महाकाल के दर्शन, भस्म आरती में हुईं शामिल
उज्जैन, 07 जून (हि.स.)। प्रसिद्ध गुजराती गायिका किंजल दवे और फिल्म अभिनेत्री मोनल गज्जर ने रविवार तड़के मध्य प्रदेश के उज्जैन पहुंचकर विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकाल मंदिर के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। दोनों कलाकार अलसुबह भगवान महाकाल की भस्म आरती में भी शामिल हुईं।
गुजराती गायिका किंजल दवे और फिल्म अभिनेत्री मोनल गज्जर ने रविवार तड़के चार बजे महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं और नंदी हॉल में बैठकर लगभग दो घंटे तक भस्म आरती में शामिल रहीं। इस दौरान वे भगवान महाकाल का जाप करती नजर आईं। उन्होंने नंदी महाराज का पूजन कर अपनी मनोकामनाएं अर्पित कीं। भस्म आरती के बाद किंजल दवे और मोनल गज्जर ने भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उप प्रशासक एस.एन. सोनी ने उनका स्वागत और सम्मान किया।
दर्शन के बाद किंजल दवे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह लगभग दो महीने में उनका दूसरा महाकाल दर्शन है। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल ने मुझे दोबारा बुलाया है, इसके लिए मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानती हूं और सभी का धन्यवाद करती हूं। मोनल गज्जर एक भारतीय अभिनेत्री और मॉडल हैं, जो मुख्य रूप से गुजराती और तेलुगु फिल्मों में सक्रिय हैं। वह इससे पहले 08 अप्रैल को भी महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन आ चुकी हैं। दर्शन के दौरान दोनों कलाकार बेहद सरल और श्रद्धामय भाव में दिखीं।
कथावाचक राजन महाराज भी पहुंचे उज्जैन, पूजन-अर्चन कर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया
प्रसिद्ध कथावाचक राजन महाराज भी रविवार तड़के उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा महाकाल का पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद लिया। दर्शन के बाद मंदिर समिति की ओर से राजन महाराज का स्वागत-सम्मान किया गया। उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर कुछ देर महाकाल की भक्ति का आनंद भी लिया।
दर्शन उपरांत राजन महाराज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि महाकाल की नगरी में आकर मन को असीम शांति मिलती है। यहां की ऊर्जा अद्भुत है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को महाकाल के दरबार से जीवन की नई प्रेरणा मिलती है।
भस्म आरती में मोगरा-गुलाब के फूलों से सजे बाबा महाकाल
उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकाल का ज्येष्ठ अधिकमास कृष्ण पक्ष की सप्तमी पर रविवार तड़के भस्म आरती के दौरान भांग के साथ त्रिपुंड, चंद्रमा और त्रिनेत्र अर्पित कर मोगरा-गुलाब के फूलों से दिव्य श्रृंगार किया गया। इस दौरान महाकाल के दरबार में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भक्त बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर धन्य हुए। इस दौरान मंदिर परिसर जय श्री महाकाल के जयघोष से गूंज उठा।
श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि रविवार सुबह 4 बजे भस्म आरती हुई। इस दौरान श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से विशेष अभिषेक किया गया।
पूजन के दौरान भगवान महाकाल को त्रिशूल, त्रिपुंड और डमरू के साथ भांग अर्पित कर भव्य श्रृंगार किया गया। हरिओम का जल अर्पित करने और कपूर आरती के पश्चात भगवान के स्वरूप को वस्त्र से ढंककर भस्म रमाई गई। भस्म अर्पित करने के बाद भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों से निर्मित विशेष मालाएं अर्पित की गईं। मोगरा और गुलाब के सुगंधित फूलों से सजे बाबा महाकाल को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया।
भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के साकार स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर