मप्र के उज्जैन पहुंचे राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी, चढ़ावा चोरी के सवाल पर साधी चुप्पी

 


उज्जैन, 30 जून (हि.स.)। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज मंगलवार को मध्य प्रदेश के उज्जैन पहुंचे। यहां मीडिया ने उनसे राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी को लेकर सवाल किए तो उन्हें चप्पी साध ली।

दरअसल, स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज मंगलवार को उज्जैन के महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए उज्जैन पहुंचे थे। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने उन्हें 'महा महोपाध्याय' (डी.लिट) की मानद उपाधि से सम्मानित किया। इसके बाद उन्होंने ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के दर्शन कर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया।

महाकाल मंदिर में दर्शन के बाद स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली और बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में मुझे 'महा महोपाध्याय' की जो उपाधि मिली है, उसे मैं बाबा महाकाल के प्रसाद के रूप में स्वीकार करता हूं। बाबा महाकाल का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे और भारत निरंतर उन्नति करता रहे। मंदिर समिति की ओर से सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने उनका स्वागत किया।

कालिदास अकादमी के संकुल सभागार में आयोजित दीक्षांत समारोह के बाद मीडिया ने स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज से राम मंदिर ट्रस्ट में कथित चढ़ावा चोरी के मामले पर सवाल किए। हालांकि उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने मुंह पर उंगली रखकर चुप रहने का संकेत दिया और बिना कुछ बोले अपनी कार में बैठकर रवाना हो गए।

दीक्षांत समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 21 विद्यार्थियों को उपाधियां और 42 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण, रजत तथा कांस्य पदक प्रदान किए। कुल 1303 पात्र विद्यार्थियों में से 179 ने पंजीयन कराया था, जबकि 63 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की उपाधियां प्रदान की गईं। समारोह में स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज को 'महा महोपाध्याय' तथा श्रीलाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के पूर्व कुलपति प्रो. रमेश पांडेय को 'विद्या वाचस्पति' की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर